हापुड़ (शिखर समाचार)। विमुद्रीकरण (नोटबंदी) के लगभग एक दशक बाद भी प्रतिबंधित पुराने भारतीय नोटों को नई मुद्रा में बदलने का अवैध खेल बदस्तूर जारी है। हापुड़ देहात थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-9 स्थित मेरठ बाइपास गोल चक्कर के पास चेकिंग के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1.44 करोड़ रुपये की प्रतिबंधित पुरानी करेंसी बरामद की है। बरामद नोटों में 1000 रुपये के 127 बंडल और 500 रुपये के 34 बंडल शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी की मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है।
चेकिंग के दौरान आरोपी गिरफ्तार, 1.44 करोड़ की करेंसी बरामद
पुलिस के अनुसार, बुधवार रात पुलिस टीम राष्ट्रीय राजमार्ग-9 के सेवा मार्ग (सर्विस रोड) पर पेट्रोल पंप के समीप संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति बैग में भारी मात्रा में प्रतिबंधित पुरानी करेंसी लेकर गाजियाबाद की ओर से मेरठ जाएगा। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी।
कुछ देर बाद संदेहास्पद परिस्थिति में पहुंचे मोटरसाइकिल सवार ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, परंतु पुलिसकर्मियों ने उसे मौके पर ही धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम देवेंद्र रुहेला (निवासी लोनी, गाजियाबाद; हाल निवासी नंदग्राम) बताया।
वाहना तलाशी के दौरान बैग से 1000 रुपये के पुराने नोटों की 127 गड्डियां और 500 रुपये के नोटों की 34 गड्डियां बरामद हुईं। मुद्रा गणना यंत्र (नोट गिनने की मशीन) से जांच करने पर 1000 रुपये के नोटों का मूल्य 1.27 करोड़ रुपये तथा 500 रुपये के नोटों का मूल्य 17 लाख रुपये दर्ज किया गया।
पुरानी करेंसी के बदले नई मुद्रा दिलाने का झांसा
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पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों—रवि उर्फ विक्रांत श्रीवास्तव (निवासी लखनऊ) तथा अविनाश पांडेय (निवासी गाजियाबाद) के नाम उजागर किए हैं। आरोपी लोगों को पुरानी मुद्रा के बदले नई मुद्रा दिलाने का झांसा देकर ये नोट एकत्रित करते थे। पुलिस ने बरामद करेंसी को सील कर आयकर विभाग को सूचित कर दिया है तथा आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और निर्दिष्ट बैंक नोट अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
