मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी की भावना से काम करें पंचायत प्रतिनिधि : मुख्यमंत्री

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Panchayat Representatives Should Work with the Spirit of “My Village, My Responsibility”: Chief Minister IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

हरिद्वार (शिखर समाचार)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को हरिद्वार में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के क्षमता विकास के लिए आयोजित एक दिवसीय अभिमुखीकरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव हैं। प्रदेश के सभी विकासखंडों में एक साथ 60 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण से जोड़ना ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी होने के साथ सरकार और जनता के बीच सेतु हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ‘मेरा गांव-मेरी जिम्मेदारी’ की भावना के साथ कार्य करने और पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायतों की विकास योजनाएं तैयार की जाएं तथा स्थानीय जरूरतों, जनसुझावों और उपलब्ध संसाधनों को प्राथमिकता दी जाए।

सशक्त पंचायतें विकसित उत्तराखंड की मजबूत नींव

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html\

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत की विकास योजना में पेयजल, सड़क, स्वच्छता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत जरूरतों को शामिल किया जाना चाहिए। ग्राम सभाओं में लोगों के सुझाव लेकर कार्यों की नियमित समीक्षा हो और कमजोर एवं वंचित वर्गों की जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 56 हजार से अधिक पंचायत प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य की 7,817 ग्राम पंचायतों में से 5,972 में पंचायत भवन ग्राम सचिवालय के रूप में संचालित हैं। पिछले पांच वर्षों में 1,362 पंचायत भवनों का निर्माण और 584 की मरम्मत की गई है। एक हजार से अधिक ग्राम पंचायतों का कम्प्यूटरीकरण भी किया जा चुका है।

पंचायतों में पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

उन्होंने कहा कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर पंचायतों की कार्ययोजनाओं, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति तथा कार्यों का भौगोलिक अंकन किया जा रहा है। पंचायत का धन जनता का धन है, इसलिए उसकी एक-एक पाई का हिसाब पारदर्शी होना चाहिए। विकास कार्यों में संख्या से अधिक गुणवत्ता, उपयोगिता और प्रभाव को प्राथमिकता दी जाए।

मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, महिला स्वयं सहायता समूहों, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पादों और पर्यटन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर पलायन रोकना सरकार की प्राथमिकता है।

कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि सरकारी योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक आदेश चौहान, पूर्व मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र सहित पंचायत प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a comment