यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में वंडरलैंड फूड्स का बड़ा निवेश, बनेगी अत्याधुनिक नट्स एवं सूखे मेवे की इकाई

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Wonderland Foods to Make a Large Investment IMAGE CREDIT TO AUTHORITY

ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की सोच के साथ प्रीमियम नट्स और सूखे मेवों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी वंडरलैंड फूड्स ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। कंपनी ने राज्य सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में एक नई ग्रीनफील्ड प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस परियोजना में करीब 240 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

यमुना एक्सप्रेसवे में नया उद्योग, वंडरलैंड फूड्स को मिला 30,000 वर्ग मीटर का भूखंड!

ALSO READ:https://www.livehindustan.com/ncr/schools-in-ghaziabad-have-been-permitted-to-conduct-classes-physically-201765984875011.html

परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा सेक्टर 8डी में 30 हजार वर्ग मीटर औद्योगिक भूखंड आवंटन का आशय पत्र कंपनी को सौंपा गया। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने यह आशय पत्र वंडरलैंड फूड्स के चेयरमैन राकेश कुमार गुप्ता को प्रदान किया। इस अवसर पर अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शैलेंद्र भाटिया तथा राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नट्स और सूखे मेवों की आधुनिक प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी, जहां उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार किए जाएंगे। कंपनी को भूमि का कब्जा मिलने के बाद लगभग 24 माह के भीतर उत्पादन कार्य शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।

140 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश, वंडरलैंड फूड्स को मिलेगा वैश्विक मानकों की दिशा में एक नया मोड़

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/district-level-banking-coordination/

परियोजना के आंशिक वित्तपोषण के लिए आशा वेंचर्स फंड प्रथम तथा ब्रिटिश अंतरराष्ट्रीय निवेश संस्था द्वारा कंपनी में लगभग 140 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया जा रहा है, जिससे इस इकाई को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सकेगा।

कंपनी के संस्थापक राकेश कुमार गुप्ता के अनुसार यह परियोजना केवल औद्योगिक निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इकाई के संचालन से समाज के कमजोर वर्ग से आने वाली 750 से अधिक महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके पूर्ण रूप से चालू होने पर हर वर्ष 800 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार की संभावना जताई जा रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि प्रदेश को खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में नई पहचान भी मिलेगी।

Share This Article
Leave a comment