गढ़मुक्तेश्वर/हापुड़ (शिखर समाचार)। तीर्थ नगरी ब्रजघाट से अपहृत दो मासूम बच्चों को पुलिस ने चौबीस घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्चों को बेचने की नीयत से उन्हें उठाकर ले जा रहे थे। पुलिस की तत्परता से दोनों बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल है और परिजन पुलिस का बार-बार धन्यवाद कर रहे हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर बच्चों का अपहरण का भय: पुलिस ने तेज़ी से खोज अभियान शुरू किया
जानकारी के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर ब्रजघाट में भारी भीड़ के बीच फुटपाथ पर सामान बेचने आए एक परिवार की दो महिलाएं अपने बच्चों के साथ मौजूद थीं। इसी दौरान करीब सात वर्ष के दो बच्चे अचानक लापता हो गए। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अपहरण की आशंका जताई। सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी मनोज बालियान ने पुलिस टीम के साथ बच्चे खोजने का अभियान शुरू किया। पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया और संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली।
पुलिस की मेहनत रंग लाई और मंगलवार को गढ़ क्षेत्र के स्याना मार्ग स्थित एक ईंट भट्ठे के पास से दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस दौरान पुलिस ने कार समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान मुकेश उर्फ मोनू पुत्र वीर सिंह निवासी नारनौर थाना चांदपुर, गौतम पुत्र धर्मपाल निवासी देवीपुरा थाना मंडी धनौरा तथा गीता पत्नी शिवकुमार निवासी ग्राम दत्तियाना हालपता जलीलपुर थाना चांदपुर, जिला बिजनौर के रूप में हुई है।
बच्चों के अपहरण के आरोपी गिरफ्तार: पूछताछ में स्वीकार, बिक्री के उद्देश्य से किया गया अपराध
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सीओ गढ़ स्तुति सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने बच्चों का अपहरण उन्हें बेचने के उद्देश्य से किया था। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में भी ब्रजघाट से इसी तरह एक गरीब महिला के झोपड़ी में सोते समय उसके छोटे बच्चे का अपहरण हुआ था। उस समय तत्कालीन एसपी हापुड़ दीपक भूकर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई टीमें गठित की थीं और तत्परता से कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया था। पुलिस की सक्रियता से उस समय भी अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी संभव हो पाई थी।
ब्रजघाट में बार-बार हो रही इस तरह की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, हालांकि पुलिस का त्वरित एक्शन बच्चों की सकुशल वापसी का बड़ा कारण बना है।
