गाजियाबाद (शिखर समाचार)।
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में गाजियाबाद में निराश्रित, असहाय एवं बेसहारा पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के चिन्हांकन, संरक्षण एवं पुनर्वास के लिए विशेष रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया।
प्रमुख स्थानों पर चलाया गया रेस्क्यू अभियान
अभियान के दौरान रेस्क्यू टीम ने हापुड़ चुंगी चौराहा, पुराना बस अड्डा, चौधरी मोड़, रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण कर वहां मौजूद जरूरतमंद लोगों से संवाद किया। साथ ही राहगीरों, दुकानदारों और वाहन चालकों को जागरूक करते हुए अपील की गई कि यदि कोई निराश्रित, मानसिक रूप से अस्वस्थ, भिक्षावृत्ति में लिप्त, लावारिस अथवा संकटग्रस्त महिला, पुरुष या बच्चा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि समय पर सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
अभियान में डीसीपीयू के जितेन्द्र कुमार, संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर, एएचटी थाना प्रभारी सर्वेश पाल, उपनिरीक्षक आरिफ खान, हेड कांस्टेबल नीलम एवं रेखा ने भाग लिया। रेलवे स्टेशन पर रेलवे चिल्ड्रेन इंडिया संस्था के शुभम चक्रवर्ती और आउटरीच वर्कर रफीक्यू खान ने भी सहयोग किया। इस दौरान रेलवे क्षेत्राधिकारी भागचंद मीणा से अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए समन्वय एवं भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
जरूरतमंदों के पुनर्वास पर प्रशासन का जोर
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रेस्क्यू टीम ने बताया कि सड़क, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों के लिए शासन द्वारा भोजन, चिकित्सा, परामर्श, आश्रय एवं पुनर्वास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ऐसे व्यक्तियों की समय पर सूचना देकर समाज का प्रत्येक नागरिक उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे मानवता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए निराश्रित एवं असहाय व्यक्तियों की जानकारी संबंधित विभागों को दें तथा रेस्क्यू एवं पुनर्वास अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन का कहना है कि सामूहिक प्रयासों से ही जरूरतमंद लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा सकता है।
