पश्चिमी उत्तर प्रदेश को न्यायिक राहत दिलाने की पहल, सांसद अरुण गोविल ने गृहमंत्री के समक्ष रखी हाईकोर्ट पीठ की मांग

Rashtriya Shikhar
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Initiative to Provide Judicial Relief to Western Uttar Pradesh IMAGE CREDIT TO REPORTER

हापुड़ (शिखर समाचार) मेरठ हापुड़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण गोविल ने राजधानी नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की वर्षों पुरानी मांग को एक बार फिर मजबूती से उठाया। सांसद ने गृह मंत्री के समक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक स्थायी पीठ मेरठ में स्थापित किए जाने का आग्रह किया।

सांसद अरुण गोविल ने उठाया मुद्दा: अधिवक्ताओं के अनुभवों के जरिए पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट पीठ की मांग

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सांसद अरुण गोविल ने इस संबंध में गृह मंत्री को एक पत्र भी सौंपा, जिसमें उन्होंने अनुरोध किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल को उनसे प्रत्यक्ष भेंट का अवसर दिया जाए। सांसद का कहना था कि अधिवक्ता स्वयं अपने अनुभवों के माध्यम से यह स्पष्ट कर सकेंगे कि क्षेत्र में उच्च न्यायालय पीठ की स्थापना कितनी आवश्यक हो चुकी है।

सांसद ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनसंख्या छह करोड़ से अधिक है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को न्याय प्राप्त करने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर इलाहाबाद जाना पड़ता है। लंबी यात्रा के कारण आम नागरिकों को समय की बर्बादी, अतिरिक्त खर्च और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार आर्थिक कमजोरियां भी न्याय की राह में बड़ी बाधा बन जाती हैं।

40 वर्षों का संघर्ष, अब भी अधूरा: पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट पीठ की लंबित मांग

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उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय पीठ की मांग कोई नई नहीं है। अधिवक्ता वर्ग वर्ष 1981 से लगातार इस मुद्दे को उठाता आ रहा है। लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद अब तक इस क्षेत्र को न्यायिक सुविधा नहीं मिल सकी है, जिससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।

सांसद अरुण गोविल ने कहा कि यदि मेरठ में उच्च न्यायालय की पीठ स्थापित होती है तो इससे न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के कई जिलों के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। न्याय सस्ता, सुलभ और शीघ्र होगा तथा अदालतों पर बढ़ते बोझ को भी कम करने में मदद मिलेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने सांसद द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और तर्कों को गंभीरता से सुना और इस विषय पर उचित विचार करने का आश्वासन दिया। मुलाकात के बाद सांसद अरुण गोविल ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता और अधिवक्ताओं की इस लंबे समय से लंबित और न्यायसंगत मांग पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी।

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