मेरठ (शिखर समाचार)। मेरठ परिक्षेत्र में अवैध हथियारों की तस्करी और उनके इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए ‘ऑपरेशन शस्त्र’ के तहत सितंबर माह में पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की। एक से 30 सितंबर 2026 तक चले अभियान में 208 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 185 अवैध हथियार और 214 कारतूस बरामद किए गए, जबकि इस संबंध में 180 मुकदमे दर्ज किए गए। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने परिक्षेत्र के सभी जनपदों में अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
ऑपरेशन शस्त्र के तहत 208 आरोपी गिरफ्तार, 185 अवैध हथियार बरामद
पुलिस के अनुसार, जनपद मेरठ में 82 मुकदमे दर्ज कर 106 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यहां से 83 अवैध हथियार और 114 कारतूस बरामद हुए। बुलंदशहर में 62 मुकदमों के तहत 65 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 66 हथियार और 63 कारतूस मिले। बागपत में 22 मुकदमे दर्ज कर 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा 22 हथियार और 22 कारतूस बरामद हुए। वहीं, हापुड़ में 14 मुकदमों में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ 14 हथियार और 15 कारतूस बरामद किए गए।
डीआईजी ने अवैध हथियारों की आपूर्ति, उनके इस्तेमाल और गोलीबारी की घटनाओं में सहयोग करने वालों की भूमिका की भी जांच करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब गोलीकांड की विवेचना में इस बात की पड़ताल करेगी कि गोली किसने चलाई, हथियार किसका था और किसने उपलब्ध कराया। अवैध हथियार होने पर उसके स्रोत, उसे रखने के स्थान तथा घटना में इस्तेमाल वाहन और उसके स्वामी की भूमिका की भी जांच की जाएगी। साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों को विवेचना के दायरे में शामिल किया जाएगा।
हथियारों के दुरुपयोग पर सख्ती, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई के निर्देश
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निर्देशों के अनुसार, लाइसेंसी हथियार किसी अन्य व्यक्ति को दिखावे या इस्तेमाल के लिए देना आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है। ऐसे मामलों में शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। गोलीबारी की घटनाओं में आपराधिक साजिश, आरोपियों को शरण देने या हथियार छिपाने में मदद करने वालों के विरुद्ध भी साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन नहीं करने, अवैध हथियार रखने वालों से दूरी बनाए रखने और अपने मकान या वाहन का इस्तेमाल ऐसे लोगों को नहीं करने देने की अपील की है। डीआईजी ने पूर्व में गोलीकांड और हथियारों के दुरुपयोग में शामिल रहे अपराधियों की गतिविधियों की समीक्षा कर तथ्यों के आधार पर हिस्ट्रीशीट खोलने तथा गुंडा अधिनियम, गैंगस्टर अधिनियम सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
