मुरादनगर (शिखर समाचार)। कॉपीराइट उल्लंघन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने राधेश्याम फेस-1 क्षेत्र में कथित रूप से संचालित पायरेटेड पुस्तकों के कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए बड़ी संख्या में संदिग्ध नकली पुस्तकें बरामद की हैं। कार्रवाई के दौरान दो प्रमुख प्रकाशकों की कॉपीराइट संरक्षित पुस्तकों की अवैध प्रतियां जब्त की गईं।
पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कॉपीराइट अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
भारती भवन और धनपत राय पब्लिकेशन की किताबों की मिली अवैध प्रतियां
पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ललित सरदाना ने सूचना दी थी कि क्षेत्र में भारती भवन तथा धनपत राय पब्लिकेशन की पुस्तकों की अवैध प्रतियां तैयार कर उनकी ऑनलाइन बिक्री की जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस टीम ने राधेश्याम फेस-1 स्थित एक मकान पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मोहित पुत्र सूरज सिंह के कब्जे से कक्षा 9 और 10 की गणित, अर्थशास्त्र सहित विभिन्न विषयों की बड़ी संख्या में संदिग्ध पायरेटेड पुस्तकें बरामद कीं। बरामद पुस्तकों को सील कर विधिक कार्रवाई के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
पुराने मामले के बाद फिर सामने आया कॉपीराइट उल्लंघन
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प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उक्त स्थान पर पूर्व में भी इसी तरह की शिकायत पर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है। इसके बावजूद दोबारा कॉपीराइट उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पायरेटेड पुस्तकों की छपाई कहां की जा रही थी, इन्हें किन-किन जिलों में भेजा जाता था और ऑनलाइन बिक्री के लिए किन डिजिटल माध्यमों और प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा अवैध कारोबार से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
