——-एसडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से चलाया बचाव अभियान
मोदीनगर (शिखर समाचार)। दिल्ली-मेरठ मार्ग स्थित डॉ. केएन मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज में शुक्रवार को भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अभ्यास के दौरान काल्पनिक रूप से कॉलेज की इमारत गिरने और उसके मलबे में 40 विद्यार्थियों के दबे होने की स्थिति बनाई गई। सुबह करीब 10 बजे अचानक सायरन बजने के बाद एसडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें अपने वाहनों के साथ मौके पर पहुंचीं। आसपास घनी आबादी होने के कारण कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, लेकिन मॉक ड्रिल की जानकारी मिलने के बाद स्थिति सामान्य हो गई।
एसडीआरएफ ने सीढ़ियों से पहुंचकर छात्रों को निकाला
मॉक ड्रिल के दौरान एसडीआरएफ की टीम ने सीढ़ियों के सहारे कॉलेज की इमारत तक पहुंचकर मलबे में दबे काल्पनिक 40 विद्यार्थियों को कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। बचाव कार्य में भीड़ से बाधा न पहुंचे, इसके लिए कॉलेज के मुख्य द्वार के पास रस्सी बांधकर अनावश्यक लोगों का प्रवेश रोका गया। काल्पनिक रूप से घायल विद्यार्थियों को स्ट्रेचर के माध्यम से बाहर लाया गया। अभ्यास में एक विद्यार्थी की मृत्यु और चार के गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति दर्शाई गई, जबकि 12 विद्यार्थियों को मामूली चोटें लगने की स्थिति बताई गई।
आपदा के समय सुरक्षा उपायों की दी जानकारी
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अधिकारियों ने विद्यार्थियों को भूकंप आने की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी। करीब एक घंटे तक चली मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ बचाव अभियान संचालित किया गया। इस दौरान उप जिलाधिकारी कोमल पवार, तहसीलदार रजत सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाने और राहत-बचाव दल के निर्देशों का पालन करने के लिए जागरूक किया।
