मोबाइल बरामदगी में मेरठ परिक्षेत्र की बड़ी छलांग, बुलंदशहर और मेरठ प्रदेश के शीर्ष दस जिलों में शामिल

Rashtriya Shikhar
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Merut region makes a big leap in mobile seizures; Bulandshahr and Merut included among the top ten districts in the state IMAGE CREDIT TO POLICE

मेरठ (शिखर समाचार)
मेरठ परिक्षेत्र में गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर बड़ी उपलब्धि सामने आई है। नवंबर 2025 की प्रदेश स्तरीय मासिक रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के दो जनपद बुलंदशहर और मेरठ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष दस जिलों में अपना स्थान बनाया है। इस रैंकिंग के अनुसार बुलंदशहर को छठा और मेरठ को आठवां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि परिक्षेत्र स्तर पर समग्र प्रदर्शन के आधार पर मेरठ रेंज को पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान मिला है। यह सफलता आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग और पुलिस की सक्रिय कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष प्रमाण मानी जा रही है।

मोबाइल चोरी पर अंकुश—बुलंदशहर और मेरठ ने केंद्रीय पोर्टल से हासिल किया शिखर स्थान

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उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सफलता केंद्रीय उपकरण पहचान पंजीकरण पोर्टल के प्रभावी उपयोग से संभव हो सकी है। यह पोर्टल दूरसंचार विभाग संचार मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन का पता लगाकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाना है। प्रत्येक माह डिजिटल आसूचना इकाई द्वारा प्रदेश के सभी जनपदों के कार्यों का आकलन कर रैंकिंग जारी की जाती है। उसी क्रम में नवंबर 2025 की रैंकिंग जारी हुई, जिसमें बुलंदशहर और मेरठ ने उल्लेखनीय स्थान हासिल किया।

उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यक्ति की पहचान, बैंकिंग लेनदेन, निजी सूचनाओं और सामाजिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जब किसी का मोबाइल गुम होता है या चोरी हो जाता है, तो उसके साथ केवल एक वस्तु नहीं जाती, बल्कि उससे जुड़ा पूरा संसार प्रभावित हो जाता है। ऐसे समय में जब पुलिस तकनीक के सहारे उस मोबाइल को खोजकर वापस दिलाती है, तो यह पीड़ित के लिए बड़ी राहत और भरोसे का कारण बनता है।

मोबाइल बरामदगी में बुलंदशहर और मेरठ पुलिस की सराहना—सख्त दिशा-निर्देश से प्रक्रिया और होगी मजबूत

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इस सफलता पर बुलंदशहर और मेरठ की पुलिस टीमों की खुले दिल से सराहना की गई है। साथ ही मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों को भविष्य के लिए कई सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि मोबाइल बरामदगी की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके। निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रीय उपकरण पहचान पंजीकरण पोर्टल का नियमित प्रयोग नोडल अधिकारी की निगरानी में किया जाए, जिससे गुम मोबाइलों की बरामदगी की संख्या लगातार बढ़ाई जा सके।

यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि जो मोबाइल फोन बरामद किए जाएं, उनका पूरा विवरण तुरंत पोर्टल पर अद्यतन कराया जाए, ताकि अभिलेखों में किसी प्रकार की कमी न रह जाए। सभी थानों को पोर्टल पर उपलब्ध खोज रिपोर्ट तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं, जिससे संबंधित जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।

थाना स्तर पर विशेष दलों को सख्त निर्देश—गुम मोबाइल की त्वरित बरामदगी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित

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थाना स्तर पर गठित विशेष दलों को प्रतिदिन खोज रिपोर्ट देखने और जैसे ही किसी गुम मोबाइल से जुड़ी जानकारी प्राप्त हो, तत्काल कार्रवाई कर उसकी बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जनपद स्तर पर प्रत्येक माह बरामद किए गए मोबाइलों की समीक्षा की जाएगी और नोडल अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक समीक्षा अनिवार्य रूप से कराई जाएगी।

मोबाइल की शीघ्र बरामदगी के लिए निर्धारित श्रेष्ठ प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पूरे परिक्षेत्र में एक समान प्रभावी व्यवस्था लागू हो सके। अधिकारियों का मानना है कि यदि इसी तरह तकनीक का सही और लगातार उपयोग किया जाता रहा, तो आने वाले समय में मोबाइल चोरी और गुमशुदगी से जुड़े मामलों में तेजी से गिरावट आएगी। मेरठ परिक्षेत्र का यह प्रदर्शन न केवल पुलिस की मेहनत को दर्शाता है, बल्कि आम लोगों में सुरक्षा और भरोसे की भावना को भी मजबूत करता है। यह उपलब्धि आने वाले महीनों में और बेहतर परिणामों की उम्मीद जगाने वाली मानी जा रही है।

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