बिजनौर (शिखर समाचार) नगर पालिका परिषद बिजनौर ने शहर के रेहड़ी पटरी पर रोज़गार करने वाले छोटे कारोबारियों को आर्थिक मजबूती देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। केंद्र सरकार की स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना के अंतर्गत अब पात्र रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को पंद्रह हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें।
छोटे दुकानदारों के लिए बड़ी राहत: पंजीकरण के बाद मिलेगा 15,000 रुपये तक का आसान ऋण
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार ने बताया कि योजना के स्वरूप में बदलाव के बाद ऋण राशि बढ़ाकर पंद्रह हजार रुपये कर दी गई है। इसका उद्देश्य यह है कि छोटे दुकानदार अपनी रोज़मर्रा की जरूरतों के साथ-साथ कारोबार में आवश्यक सामान की खरीद कर सकें और आमदनी में वृद्धि कर सकें। यह ऋण आसान शर्तों पर दिया जाएगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के विक्रेताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए रेहड़ी-पटरी संचालकों को अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। उन्होंने अपील की कि सभी इच्छुक विक्रेता एक सप्ताह के भीतर नगर पालिका कार्यालय में अपना पंजीकरण करा लें। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ऋण की धनराशि संबंधित लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी।
नगर पालिका का मानना है कि इस योजना से रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले लोगों को साहूकारों से महंगे ब्याज पर पैसा लेने की मजबूरी से राहत मिलेगी और वे बैंकिंग व्यवस्था से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। साथ ही शहर की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। नगर पालिका प्रशासन ने सभी पात्र विक्रेताओं से योजना का लाभ उठाने और समय पर आवेदन करने की अपील की है।
