——व्यापारी को लाभ पहुंचाने के आरोप, डीएम ने लिया संज्ञान; डीएफओ से मांगी रिपोर्ट
हापुड़ (शिखर समाचार)।
कांवड़ यात्रा को लेकर जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों की अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन विभाग ने कांवड़ मार्ग पर अवरोधक शाखाओं की छंटाई कराने के बजाय एक व्यापारी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से गढ़-दिल्ली रोड स्थित एक मॉल के बाहर तीन हरे पेड़ों को जड़ से कटवा दिया। मामले के सामने आने के बाद जिलाधिकारी कविता मीना ने संज्ञान लेते हुए डीएफओ से रिपोर्ट तलब की है।
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले जिलाधिकारी ने वन विभाग को केवल उन पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कराने के निर्देश दिए थे, जो कांवड़ मार्ग में बाधा बन रही थीं। आरोप है कि इन निर्देशों के विपरीत हरे-भरे पेड़ों को ही काट दिया गया।
वहीं दूसरी ओर गढ़-दिल्ली रोड पर सड़क किनारे खड़े करीब एक दर्जन सूखे पेड़ अब भी हादसों को न्योता दे रहे हैं, लेकिन वन विभाग की नजर इन पर नहीं पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग सूखे और खतरनाक पेड़ों को हटाने के बजाय हरे पेड़ों पर कार्रवाई कर रहा है।
शहर में चर्चा का विषय बनी कार्रवाई
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/humorous-poetry-recitation-by-shambhu-shekhar/
मॉल के बाहर हरे पेड़ों की कटाई के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोगों का कहना है कि यदि कांवड़ यात्रा के नाम पर कार्रवाई करनी थी तो पूरे मार्ग पर अवरोधक शाखाओं की छंटाई की जाती, न कि चुनिंदा स्थान पर हरे पेड़ों को काटा जाता।
डीएफओ बोले दो पेड़ों की ही अनुमति थी
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) गौतम सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा और हाईटेंशन विद्युत लाइन को ध्यान में रखते हुए दिल्ली रोड स्थित मोहल्ला चमरी के निकट मॉल के बाहर दो हरे पेड़ों को काटने की अनुमति दी गई थी। यदि दो से अधिक पेड़ काटे गए हैं तो मामले की जांच कर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने मांगी पूरी जानकारी
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि वन विभाग को केवल कांवड़ मार्ग में बाधा बनने वाली शाखाओं की छंटाई के निर्देश दिए गए थे। हरे पेड़ों की कटाई के मामले में डीएफओ से विस्तृत जानकारी मांगी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
