हापुड़ (शिखर समाचार)। हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्राधिकरण ने जनपद में 15 स्थानों पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त करने के साथ ही 15 अवैध निर्माणों को सील किया है। इसके अलावा शमन स्वीकृत कराकर प्राधिकरण ने 8 करोड़ 56 लाख 91 हजार रुपये की धनराशि भी प्राप्त की है।
15 स्थानों पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, 15 निर्माण सील
प्राधिकरण क्षेत्र में हापुड़, पिलखुवा, सिंभावली, गढ़मुक्तेश्वर और ब्रजघाट में कुछ कालोनाइजरों द्वारा कृषि भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृत कराए अवैध कालोनियां विकसित की जा रही हैं। आरोप है कि छोटे-छोटे भूखंडों की बिक्री कर दी जाती है, जबकि अधिकांश कालोनियों में सड़क, नाली, सीवर, पार्क और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं कराया जाता। इससे भूखंड खरीदने वाले लोगों को बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में चलेगा अभियान
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एचपीडीए के प्रभारी सचिव अमित कादियान ने बताया कि उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर अवैध कालोनियों और निर्माणों को ध्वस्त एवं सील किया जाएगा। उन्होंने कालोनाइजरों से अवैध गतिविधियां रोककर कालोनी का मानचित्र स्वीकृत कराने तथा निर्माणकर्ताओं से आवासीय और व्यावसायिक भवनों के लिए नियमानुसार मानचित्र स्वीकृत कराने की अपील की।
उन्होंने बताया कि 8, 10, 15, 17, 22 और 24 सितंबर को भी प्राधिकरण क्षेत्र में ध्वस्तीकरण और सीलिंग अभियान चलाया जाएगा।
