मुरादनगर (शिखर समाचार)। के.एन. इंटर कॉलेज मैदान में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में जारी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिवस कथाव्यास महामनस्विनी साध्वी पद्महस्ता भारती ने गोवर्धन पूजा प्रसंग को अत्यंत प्रभावशाली शैली में प्रस्तुत करते हुए कहा कि कृष्ण ने ब्रजवासियों को यह समझाया था कि प्रकृति और गौ धन ही उनके वास्तविक पालनहार हैं। इन्द्र के क्रोध में बरसाई गई भीषण वर्षा से जब ब्रज संकट में घिरा, तब कृष्ण ने अपनी करंगुली पर सात दिन तक गोवर्धन पर्वत उठाकर मनुष्य, पशु और पक्षियों को सुरक्षित आश्रय दिया। इस अद्भुत लीला से उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि संसाधनों के सम्मान और प्रकृति के संरक्षण में ही सच्ची पूजा का सार है तथा ईश्वर अपने भक्तों को किसी भी संकट में अकेला नहीं छोड़ते।

कथा के दौरान साध्वी पद्महस्ता भारती ने गोवर्धन पूजा के संदर्भ में संस्थान द्वारा चल रहे संरक्षण कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण का निरंतर दोहन धरती को गंभीर खतरे की ओर धकेल रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए संस्थान द्वारा स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, जल और ऊर्जा संरक्षण, नदियों और झीलों की सफाई तथा तुलसी रोपण जैसे विविध पहल लगातार किए जा रहे हैं, जिनसे जनमानस में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ रही है। उन्होंने कामधेनु गौ संरक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति की आधारशिला मानी जाने वाली देसी गौवंश तेजी से कम होता जा रहा है और इसके संरक्षण के लिए समाज के हर वर्ग को आगे बढ़कर योगदान देना समय की मांग है।
