गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना कौशांबी क्षेत्र के वैशाली में चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मृत घोषित किए गए गिरधर सिंह बिस्ट वापस अपने घर पहुंच गए। उन्हें देखते ही परिवार वाले भौंचक्के रह गए। उनके जिंदा होने की सूचना पूरी सोसायटी में फैल गई और उनसे मिलने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उनसे पूछताछ की।
घर लौटे गिरधर, बताई गायब रहने की वजह
पुलिस पूछताछ में गिरधर सिंह बिस्ट ने बताया कि वह कुछ समय अकेले रहना चाहते थे। इसी वजह से वह पंजाब चले गए थे। उन्होंने बताया कि जब उन्हें लगा कि अब घर वापस लौटना चाहिए तो वह वापस अपने घर आ गए। उनके अचानक लौटने से परिवार और आसपास के लोग हैरान रह गए।
विवाद के बाद जेल गए, फिर हो गए थे लापता
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बताया गया कि कल्पना सोसायटी के पास 16 मई को स्थानीय दुकानदारों से उनका विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका में उन्हें धारा 151 सीआरपीसी के तहत गिरफ्तार कर डासना जेल भेज दिया था। 21 मई को जेल से रिहा होने के बाद जब गिरधर घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
शव की पहचान कर किया अंतिम संस्कार, अब बढ़ी पुलिस की मुश्किल
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इसी बीच 13 जून को मसूरी थाना क्षेत्र में एक लावारिस शव मिला था। परिजनों ने उसकी पहचान गिरधर सिंह बिस्ट के रूप में कर दी थी, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, कौशांबी थाने पर हंगामा हुआ और मसूरी थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया। अब गिरधर के जीवित लौट आने के बाद मसूरी पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस उस अज्ञात शव की वास्तविक पहचान करने में जुट गई है, जिसका अंतिम संस्कार गिरधर समझकर किया गया था।
