कुंभ-2027 की तैयारियों में गुणवत्ता पर जोर, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने चार निर्माणाधीन पुलों का किया निरीक्षण

Rashtriya Shikhar
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Focus on Quality Ahead of Kumbh 2027: IIT Roorkee Experts Inspect Four Bridges Under Construction. IMAGE CREDIT TO: सूचना विभाग

हरिद्वार (शिखर समाचार)। कुंभ मेला-2027 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार में चार बड़े स्थायी पुलों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों की मजबूती, सुरक्षा और गुणवत्ता परखने के लिए मेलाधिकारी सोनिका की पहल पर आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम ने बुधवार को चारों निर्माणाधीन पुलों का तकनीकी निरीक्षण किया। प्रोफेसर डॉ. संजय के नेतृत्व में पहुंची टीम ने निर्माण स्थलों पर कार्यों की प्रगति और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुपालन का जायजा लिया।

चार निर्माणाधीन पुलों का आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने किया तकनीकी निरीक्षण

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विशेषज्ञों की टीम ने सबसे पहले खड़खड़ी मार्ग पर सुखी नदी पर बन रहे दो लेन के पुल का निरीक्षण किया। इसके बाद मायापुर एस्केप चैनल पर दक्षद्वीप और बैरागी कैंप को जोड़ने के लिए पूर्व निर्मित पुल के निचले हिस्से में बनाए जा रहे 60 मीटर विस्तार वाले बो-स्ट्रिंग स्टील गर्डर पुल की गुणवत्ता जांची। यह दो लेन का पुल होगा।

इसके उपरांत टीम ने ज्वालापुर से ईदगाह, सुभाषनगर पीएसी होते हुए शिवालिक नगर जाने वाले मोटर मार्ग पर पथरी रौ नदी में निर्माणाधीन 60 मीटर विस्तार वाले पूर्व-तनावयुक्त आरसीसी पुल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही धनौरी-सिडकुल संपर्क मार्ग पर पथरी रौ नदी के पुराने गंगनहर साइफन के निचले हिस्से में बनाए जा रहे 90 मीटर विस्तार वाले संयुक्त स्टील गर्डर पुल का भी तकनीकी परीक्षण किया गया।

निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा पर विशेष जोर, कुंभ के बाद भी मिलेगा लाभ

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मेलाधिकारी सोनिका की पहल पर निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था अपनाई जा रही है। इसके तहत नियमित जांच के लिए बाहरी गुणवत्ता परीक्षण एजेंसी नियुक्त करने के साथ आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों का सहयोग भी लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान टीम ने निर्माण तकनीक, कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जांच की तथा आवश्यक तकनीकी सुझाव देने के लिए विभिन्न पहलुओं का आकलन किया।

मेला प्रशासन का लक्ष्य है कि चारों पुल निर्धारित समयसीमा में तैयार हों, जिससे कुंभ के दौरान यातायात का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं को आवागमन की अतिरिक्त सुविधा देने में मदद मिले। ये पुल कुंभ के बाद भी हरिद्वार की स्थायी यातायात व्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगे। निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी आकाश जोशी, मेला कार्यालय के तकनीकी प्रकोष्ठ के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार भट्ट तथा लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अभियंता मौजूद रहे।

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