ग्रेटर नोएडा (शिखर समाचार)। नशा मुक्त भारत अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में द्रोणाचार्य ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में मद्यनिषेध कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी गौतमबुद्ध नगर सतीश कुमार की उपस्थिति रही। इस विशेष अवसर पर बच्चों ने मद्यनिषेध विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक, निबंध, पोस्टर तथा भाषण प्रतियोगिताओं में अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
नशा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए खतरा—जिलाधिकारी सतीश कुमार ने युवाओं को जागरूक होने की अपील की
जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने कहा कि नशे का सेवन मानसिक दुर्बलता, क्रोध, उत्तेजना, स्मृतिह्रास तथा प्रतिरोधक क्षमता में उल्लेखनीय गिरावट का कारण बनता है। उन्होंने जनसमुदाय को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाते हुए युवाओं में जागरूकता फैलाने पर बल दिया।
तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ, गौतमबुद्ध नगर की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना ने भारत सरकार की तंबाकू मुक्त भारत 3.0 पहल के तहत विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों को वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक ढंग से समझाया। उन्होंने बताया कि नशा करने पर मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन का तीव्र स्राव होता है, जिससे अल्पकालिक आनंद की अनुभूति होती है और यही अनुभूति व्यक्ति को नशे के दुष्चक्र में धकेल देती है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी प्रकार का नशा शरीर के लिए घातक है। अत्यधिक शराब सेवन से लीवर की सूजन, अल्सर, पीलिया, नपुंसकता और जिगर से संबंधित गंभीर रोग उत्पन्न हो सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर संस्थान की निदेशक संगीता मंगेश कार्यकर्ते, रजिस्ट्रार डॉ. शैलेश कुमार सिंह और असिस्टेंट रजिस्ट्रार वीरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
