गाजियाबाद (शिखर समाचार)
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सहायता व सशक्तिकरण को लेकर संवाद-समीक्षा गोष्ठी का आयोजन परमजीत हॉल में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ की अध्यक्षता में किया गया। गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना तथा महिला सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना रहा।
मिशन शक्ति केंद्रों और पिंक बूथों की कार्यप्रणाली की समीक्षा
बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव कुमार चौधरी, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय धवल जायसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध, सभी पिंक बूथ प्रभारी, मिशन शक्ति प्रभारी और परिवार परामर्श केंद्रों के अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्तमान में गाजियाबाद कमिश्नरेट में 24 मिशन शक्ति केंद्र और 20 पिंक बूथ संचालित हैं, जो महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, परामर्श, सहायता व जागरूकता से संबंधित सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, बालिका सुरक्षा और विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी व सहायता प्रदान की जा रही है।

महिला सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश
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पुलिस आयुक्त ने मिशन शक्ति अभियान के तहत चल रहे कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि पिंक बूथों पर आने वाली महिलाओं और बालिकाओं की समस्याओं का त्वरित व संवेदनशील तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही सहायता, परामर्श सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
वूमेन वॉलंटियर फोर्स और एंटी रोमियो स्क्वॉड पर विशेष फोकस
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गोष्ठी के दौरान एक नई पहल के रूप में वूमेन वॉलंटियर फोर्स (महिला स्वयंसेवी बल) के गठन का निर्णय भी लिया गया। यह पूरी तरह से स्वयंसेवी व्यवस्था होगी, जिसमें समाज की जागरूक और इच्छुक महिलाएं मिशन शक्ति केंद्रों व पिंक बूथों की गतिविधियों में सहयोग करेंगी। इसका गठन प्रत्येक थाना स्तर पर किया जाएगा।
इसके अलावा ग्रीष्मावकाश के बाद स्कूल खुलने को देखते हुए छात्राओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वॉड को अधिक सक्रिय करने का निर्णय लिया गया है। विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों के आसपास नियमित गश्त, सघन चेकिंग व संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी निगरानी रखी जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
