एबीईएस कॉलेज की रजत जयंती में पूर्व छात्रों का संगम, ‘सफर यादों का’ में उपलब्धियों और एकता का उत्सव

Rashtriya Shikhar
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Confluence of alumni in the silver jubilee of ABES College, celebration of achievements and unity in ‘journey memories IMAGE CREDIT TO एबीईएस इंस्टीट्यूट

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। लाल कुआं स्थित एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज एवं बिजनेस स्कूल ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने पर गुरुवार को रजत जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया। ‘सफर यादों का’ थीम पर आधारित यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संस्थान की उस शैक्षणिक और मानवीय यात्रा का सजीव चित्रण बना, जिसमें वर्षों के साथ शिक्षा, अनुभव और संबंध निरंतर मजबूत होते चले गए। रजत जयंती के अवसर पर पूर्व छात्र मिलन और वर्ष 2015 बैच के दशक पूर्णता समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे पूर्व छात्रों की सहभागिता ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। इस दौरान पूर्व छात्रों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया और पूर्व छात्र संघ से जुड़े औपचारिक सत्रों ने संस्थान के अतीत और वर्तमान को भावनात्मक रूप से जोड़ा।
कार्यक्रम के सांस्कृतिक सत्रों में परिधान प्रदर्शनी, नृत्य, गायन, वाद्य संगीत, नाट्य और कविता पाठ जैसी प्रस्तुतियां हुईं, जिनमें विद्यार्थियों के साथ-साथ पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इन प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट किया कि एबीईएस कॉलेज की पहचान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रचनात्मकता और सांस्कृतिक चेतना भी इसकी मूल पहचान का हिस्सा है। सांस्कृतिक संध्या में इंडियन आइडल से जुड़े गायक मोहित चोपड़ा की प्रस्तुति ने वातावरण को संगीतमय बना दिया। उनकी भावपूर्ण गायकी पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे और पूरा परिसर संगीत के रंग में डूबा नजर आया।
समारोह को संबोधित करते हुए चेयरमैन नीरज गोयल ने कहा कि एबीईएस कॉलेज की रजत जयंती केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि संस्थान की 25 वर्षों की यात्रा उन विश्वासों से बनी है, जो शिक्षा की शक्ति पर वर्षों पहले किए गए थे और जिन्हें विद्यार्थियों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों ने अपने परिश्रम से साकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि एबीईएस कॉलेज का उद्देश्य हमेशा ऐसी शिक्षा देना रहा है, जो केवल डिग्री तक सीमित न होकर सोच, संवेदनशीलता और चरित्र का निर्माण करे। वहीं जनरल सेक्रेटरी शाश्वत गोयल ने अपने वक्तव्य में कहा कि पिछले 25 वर्षों में एबीईएस कॉलेज ने शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और निरंतर सुधार को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है और भविष्य में भी अकादमिक नवाचार, उद्योग से सहयोग और छात्र केंद्रित शिक्षा को मजबूत करते हुए आगे बढ़ता रहेगा।
रजत जयंती समारोह का एक प्रमुख आकर्षण ‘स्मृति पथ’ रहा, जिसमें कॉलेज की 25 वर्षों की यात्रा को पांच-पांच वर्षों के चरणों में उपलब्धियों, यादों और ऐतिहासिक पलों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह स्मृति पथ संस्थान की जड़ों, उसके विकास और निरंतर आगे बढ़ने की भावना का प्रभावशाली प्रतीक बना। ‘सफर यादों का’ कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की असली पहचान उसकी इमारतों या वर्षों से नहीं, बल्कि उन लोगों से बनती है, जो उसे अपने अनुभव, मेहनत और यादों से जीवंत रखते हैं। एबीईएस कॉलेज का रजत जयंती समारोह 25 वर्षों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक यात्रा का सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया, जिसमें पूर्व छात्र, विद्यार्थी, शिक्षक और कर्मचारी एकजुटता और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि के साथ शामिल है।

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