जेवर (शिखर समाचार)। भारतीय किसान यूनियन (यूनिक) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। संगठन ने यमुना एक्सप्रेसवे के एक प्रबंधक पर किसान संगठनों के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यमुना एक्सप्रेसवे के मैनेजर ने किसान संगठनों के बारे में आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी की है, जिससे किसानों और संगठन के कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। संगठन ने मांग की कि संबंधित अधिकारी को पद से हटाया जाए तथा किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई जाए।
एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और टोल व्यवस्था पर उठाए सवाल
ज्ञापन में एक्सप्रेसवे पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संगठन ने एक्सप्रेसवे की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा जांच पूरी होने तक टोल वसूली पर रोक लगाने की मांग की।
इसके अलावा किसानों ने एक्सप्रेसवे के किनारे सर्विस रोड के निर्माण, पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने और यातायात सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी।
राजस्व विभाग की समस्याओं पर भी कार्रवाई की मांग
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ज्ञापन में राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया। संगठन का आरोप है कि कुछ लेखपाल किसानों से कागजात एवं रिपोर्ट लगाने के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। यूनियन ने ऐसे मामलों की जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में किसानों की विभिन्न समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए तो किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस दौरान यूनियन के कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
