गुलदार की झूठी कहानी के पीछे छुपा खून, नांगलसोती में सौरभ की हत्या का सनसनीखेज पर्दाफाश

Rashtriya Shikhar
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Behind the false leopard story, blood was concealed; shocking revelation of Saurabh’s murder in Nangalsoti IMAGE CREDIT TO POLICE

बिजनौर (शिखर समाचार) नांगलसोती इलाके में सौरभ तोमर की मौत को लेकर फैली गुलदार हमले की अफवाह आखिरकार पुलिस जांच में ध्वस्त हो गई। ग्राम तिसोतरा के इस युवक की मौत किसी जंगली हमले का नतीजा नहीं थी, बल्कि उसके अपने पिता ने ही उसकी बेरहमी से जान ले ली थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और तमंचा बरामद कर पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है।

गन्ने के खेत में मिला युवक का शव, पिता ने फैलाई गुलदार हमले की अफवाह

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घटना 15 नवंबर की है, जब दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सौरभ का शव उसके गन्ने के खेत में पड़ा मिला। 12 नवंबर को दोपहर दो बजे के आसपास वह खेत गए थे, जिसके बाद अचानक लापता हो गए। परिजनों में सबसे पहले उनके पिता सुभाष तोमर ने ही खेत में शव देखने की बात कही और तत्काल यह अफवाह उड़ानी शुरू कर दी कि बेटा गुलदार के हमले में मारा गया है। इतना ही नहीं, उसने जल्दबाजी में अंतिम संस्कार की तैयारियाँ तक शुरू कर दीं, लेकिन पुलिस गुमशुदगी दर्ज होने के चलते शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर अडिग रही।

पोस्टमार्टम से पहले ही ग्रामीणों और वनकर्मियों को कई तथ्यों पर संदेह था। शरीर के किसी हिस्से पर पंजों या दांतों के निशान नहीं थे। गले पर मौजूद गंभीर घावों को देखकर भी जंगली हमले की बात कमजोर लग रही थी। शव के किसी हिस्से को खाया नहीं गया था। इसी कारण क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज था। देर शाम जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, पुलिस को साफ हो गया कि यह किसी पशु का हमला नहीं बल्कि सोची-समझी हत्या है।

पत्नी की शिकायत से खुला काला सच, पिता की रंजिश में बेटे की हत्या

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इसके बाद क्षेत्राधिकारी नितेश प्रताप सिंह, स्थानीय पुलिस टीम और एसओजी ने रातभर मेहनत कर संदिग्धों पर निगरानी और पूछताछ तेज की। इसी बीच मृतक की पत्नी मोन्टी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत ने कहानी का सबसे काला सच सामने रख दिया। मोन्टी ने बताया कि सात वर्ष पहले हुई शादी के बाद संतान न होने पर ससुर सुभाष उसके प्रति गलत नजर रखने लगा था। जब सौरभ को यह बात पता चली तो उसने इसका विरोध किया, जिससे पिता-पुत्र के रिश्ते में गहरी दरार पैदा हो गई। उसी रंजिश और विकृत मानसिकता के चलते सुभाष ने बेटे को रास्ते से हटाने की ठानी।

पुलिस जांच में सामने आया कि 12 नवंबर को खेत पर पहुंचे सौरभ पर पहले सुभाष ने गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन निशाना नहीं लगा। इसके बाद उसने फावड़े के भारी पिछले हिस्से से बेटे के सिर पर वार किया। सौरभ गिर पड़ा तो आरोपी ने क्रूरता की हद पार करते हुए फावड़े से उसकी गर्दन काट दी। हत्या के बाद वह अवैध तमंचा दूर खेत में फेंककर गुलदार की कहानी फैलाता रहा, ताकि कोई शक उस पर न आए। पुलिस ने आरोपी पिता को पकड़कर हत्या में उपयोग तमंचा बरामद कर लिया है। इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है, जहां लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि एक पिता अपने ही बेटे का कत्ल कर सकता है और उसे छुपाने के लिए ऐसी कहानी गढ़ सकता है।

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