हापुड़ (शिखर समाचार) युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों के खतरे को देखते हुए सारस्वती मेडिकल कॉलेज द्वारा जेएमएस इंस्टीट्यूट में यंगस्टर्स में हार्ट अटैक विषय पर एक स्वास्थ्य जागरूकता वार्ता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना, जोखिम कारकों की पहचान कराना और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
युवाओं में बढ़ते हृदय रोग का खतरा – डॉ. राहुल रामटेके ने बताए बचाव के जरूरी उपाय
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/meeting-of-district-udyog-bandhu-committee/
सारस्वती मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राहुल रामटेके ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोगों के कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि तनाव, धूम्रपान, असंतुलित खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता और अत्यधिक कार्य-दबाव जैसे कारक हृदय संबंधी बीमारियों के मुख्य कारण हैं। उन्होंने बताया कि छाती में दर्द, सांस फूलना, थकान या हाथ और जबड़े में दर्द जैसे शुरुआती लक्षणों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।
डॉ. राहुल ने विद्यार्थियों से कहा कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और तनाव से दूरी रखने जैसी आदतें अपनाकर हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक वर्ष स्वास्थ्य जांच कराने की भी सलाह दी ताकि समय पर किसी भी समस्या का निदान किया जा सके।
सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सारस्वती मेडिकल कॉलेज की प्रतिबद्ध पहल
सारस्वती मेडिकल कॉलेज के मार्केटिंग मैनेजर डॉ. मनोज गोविल ने संस्थान की आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कॉलेज समाज के कमजोर वर्गों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में सीनियर एच.आर. मैनेजर एल. रुबावथी ने विद्यार्थियों को आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट आईडी की उपयोगिता समझाई। उन्होंने बताया कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से जुड़ने पर मरीजों को चिकित्सा सेवाओं में पारदर्शिता और सुविधा दोनों मिलती हैं।

इस अवसर पर 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं और सारस्वती मेडिकल कॉलेज की इस जनहित पहल की सराहना की।
कार्यक्रम में जीएम एन. वर्दाराजन, प्रो. (डॉ.) सुभाष गौतम, डायरेक्टर जनरल डॉ. आयुष सिंघल, मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रोहन सिंघल और सेक्रेटरी डॉ. साक्षी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
