गांधी नगर/दिल्ली (शिखर समाचार) तिरंगे की शान और स्वतंत्रता की गूंज से आज डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल नंबर 01, गांधी नगर का प्रांगण सराबोर हो उठा। अवसर था 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का, जहां न केवल देशभक्ति के गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मंच पर लहराईं, बल्कि भारत की गौरवगाथा और बलिदान की कहानियां भी विद्यार्थियों के हृदय में गूंज उठीं।
राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक गरिमा के संग प्रारंभ हुआ भव्य समारोह
सुबह कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा प्रकट की गई। सरस्वती वंदना ने वातावरण को पावन बना दिया। हिंदी प्रवक्ता आशुतोष कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र पहनाकर किया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष नरेश शर्मा, प्रबंधक गिरिजेश रस्तोगी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दिल्ली प्रांत सह-बौद्धिक प्रमुख सतीश शर्मा, निगम पार्षद प्रिया कंबोज, पूर्व पूर्वी निगम स्थायी समिति अध्यक्ष लता गुप्ता, विद्यालय प्रमुख लखीराम और वरिष्ठ साथी अनिल कुमार मंचासीन रहे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत कक्षा सातवीं के छात्रों के गीत हो जाओ तैयार साथियों से हुई, जिसने उत्साह का संचार किया। कक्षा छठी, सातवीं और आठवीं के बच्चों ने मैं देश नहीं झुकने दूंगा पर योगचाप की सटीक प्रस्तुति दी, जबकि कक्षा आठवीं बी ने मेरा रंग दे बसंती चोला गीत से माहौल को जोशीला बना दिया। इस बीच कबड्डी प्रतियोगिता में विजयी छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कक्षा नौवीं और आठवीं के विद्यार्थियों ने नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक कर सामाजिक संदेश दिया।
देशभक्ति के सुरों और प्रेरक संदेशों से गूंज उठा समारोह का मंच
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निगम पार्षद प्रिया कंबोज ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस महज एक तिथि नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की अनगिनत कुर्बानियों की याद है। उन्होंने प्रत्येक छात्र से आग्रह किया कि 15 अगस्त को हर घर पर तिरंगा फहराया जाए। योगाचार्य राकेश शास्त्री के निर्देशन में छात्रों का योग प्रदर्शन और कंधों से मिलते हैं कंधे एक्शन सॉन्ग ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूर्व स्थायी समिति अध्यक्ष लता गुप्ता ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और त्याग की मिसाल याद दिलाई। प्रबंधक गिरिजेश रस्तोगी ने भावपूर्ण स्वर में ए वतन, ए वतन, हमको तेरी कसम और जब शहीदों की अर्थी उठे गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
विभाजन की पीड़ा से अखंड भारत की आशा तक, भावपूर्ण संदेशों के साथ संपन्न हुआ समारोह
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मुख्य वक्ता सतीश शर्मा ने कहा कि ईरान, मिश्र, रोम मिट गए, पर हमारी हस्ती अब भी कायम है। उन्होंने 14 अगस्त को भारतीय इतिहास का दर्दनाक दिन बताते हुए कहा कि यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि 1947 में हुए विभाजन की विभीषिका का प्रतीक है। उन्होंने विभाजन में अपनी जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि दी और अखंड भारत को हमारी आस्था का केंद्र बताया।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रमुख लखीराम ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन आशुतोष कुमार और तनुजा कसाना ने किया। इस दौरान पूर्व छात्र एवं व्यापारी अनिल बजाज ने विद्यार्थियों को प्रसाद वितरण की व्यवस्था की, जिससे कार्यक्रम का समापन सौहार्द और मिठास के साथ हुआ।

