हरिद्वार (शिखर समाचार)। जनपद में अपराध नियंत्रण, नशा तस्करी पर रोक और आगामी त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में सितंबर माह की अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों और थाना व शाखा प्रभारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पिछले माह हुए अपराधों, उनके अनावरण और बरामदगी के आंकड़ों की समीक्षा की गई।
अपराध नियंत्रण और बरामदगी बढ़ाने पर जोर
नवनीत सिंह ने अपराधों की श्रेणीवार समीक्षा करते हुए कुछ थाना प्रभारियों को प्रदर्शन में सुधार लाने और बरामदगी का प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशा तस्करी, वाहन चोरी, हुड़दंग और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ अधिक सक्रियता से कार्रवाई करने को कहा। ऑपरेशन प्रहार के तहत थाना प्रभारियों द्वारा की जा रही कार्रवाई की भी सराहना की गई।
त्योहारों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
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त्योहारी सीजन को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था और वाहनों के सुचारु आवागमन के लिए की गई तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों से सुझाव मांगे। साथ ही थाना प्रभारियों को पुलिसकर्मियों की ड्यूटी में नियमानुसार बदलाव करने और चेतक पर तैनात कर्मचारियों के कार्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पुलिसकर्मी अवैध गतिविधियों में संलिप्त न हो।
नशा तस्करों की संपत्ति जब्ती और विवेचनाओं में तेजी लाने के निर्देश
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नशा तस्करी को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए एसएसपी ने पेशेवर तस्करों की चल-अचल संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक पत्राचार में तेजी लाने तथा सर्किल प्रभारियों को मामलों की निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी विवेचक निर्धारित समयसीमा में जांच पूरी करें। अतिरिक्त समय की आवश्यकता होने पर संबंधित अधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनावश्यक देरी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल उठाने, जनता की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
