गाजियाबाद (शिखर समाचार)। मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान में लापरवाही बरतने वाले बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 24 अक्टूबर को आयोजित विशेष अभियान के दौरान कुछ मतदान केंद्रों पर बीएलओ अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों के क्रम में संबंधित बीएलओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने और अग्रिम आदेश तक वेतन बाधित रखने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अनुपस्थित बीएलओ पर कार्रवाई, वेतन रोकने के निर्देश
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत जनपद में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के निरंतर पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों और युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल कराना है। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित बीएलओ को निर्देश दिए हैं कि वे 25 अक्टूबर, रविवार को विशेष अभियान दिवस पर अपने निर्धारित बूथों पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
इस दौरान बीएलओ पात्र नागरिकों से प्रपत्र-6 प्राप्त करेंगे और मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में आवश्यक सहायता उपलब्ध कराएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 25 अक्टूबर को भी कोई बीएलओ अपने निर्धारित बूथ से अनुपस्थित पाया गया तो उसके खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि और अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त निर्वाचन संबंधी दायित्वों के निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने के मामले में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की सुसंगत धारा के तहत प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी।
बूथों का निरीक्षण कर उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे अधिकारी
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जिला प्रशासन ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और संबंधित पर्यवेक्षकों को बूथों का निरीक्षण कर बीएलओ की उपस्थिति तथा अभियान की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि निर्वाचन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का अवसर मिले और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित हो।
