——किसानों की सहमति से रचा इतिहास, 100 हेक्टेयर और जमीन पर जल्द रजिस्ट्री
आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। दिल्ली-एनसीआर के दिल कहे जाने वाले गाजियाबाद के भविष्य को नई उड़ान देने के लिए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की सबसे महत्वाकांक्षी ‘हरनंदीपुरम आवासीय योजना’ ने फुल स्पीड पकड़ ली है। लगभग 501 हेक्टेयर में फैले इस मेगा प्रोजेक्ट के पहले चरण को धरातल पर उतारने के लिए जीडीए ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। प्राधिकरण के पक्ष में अब तक 202.3455 हेक्टेयर (लगभग 500 एकड़) जमीन का बैनामा पूरी तरह संपन्न हो चुका है। इसके अलावा करीब 100 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन के लिए भी किसानों ने अपनी हरी झंडी दे दी है, जिसकी रजिस्ट्री प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है।
RERA से हरी झंडी मिलते ही लॉन्च होगा फेज-1
बोर्ड से लेआउट प्लान को पहले ही अंतिम मंजूरी मिल चुकी है और अब प्राधिकरण ने रेरा (RERA) पंजीकरण के लिए औपचारिक आवेदन कर दिया है। रेरा की मुहर लगते ही पहले चरण को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। योजना के आते ही रियल एस्टेट मार्केट में जबरदस्त उछाल की उम्मीद है, क्योंकि यहां नागरिकों को केवल प्लॉट ही नहीं, बल्कि प्रीमियम आवासीय भूखंड, आधुनिक ग्रुप हाउसिंग और हाई-स्ट्रीट कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के शानदार विकल्प मिलेंगे।
जीडीए उपाध्यक्ष का बयान:
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“हरनंदीपुरम योजना गाजियाबाद के समग्र और भविष्योन्मुखी शहरी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों के पूर्ण सहयोग और आपसी सहमति से जमीन जुटाकर एक विश्वस्तरीय, पर्यावरण-अनुकूल और सुव्यवस्थित टाउनशिप विकसित करना है। प्रथम चरण के लेआउट अनुमोदन के बाद अब रेरा पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होते ही इसे शीघ्र आमजन के लिए लॉन्च किया जाएगा, जिससे नागरिकों को बेहतरीन आवासीय सुविधाओं के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार को भी नया संबल मिलेगा।”
— नंद किशोर कलाल (IAS), उपाध्यक्ष, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
प्लान की 4 बड़ी बातें, जो इसे बनाती हैं वर्ल्ड क्लास
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° आपसी सहमति का फॉर्मूला हिट: जमीन अधिग्रहण के पुराने विवादों से दूर, जीडीए ने किसानों से सीधी बातचीत और सहमति के आधार पर जमीन खरीदी है। प्रस्तावित योजना का करीब 42 प्रतिशत रकबा पहले ही प्राधिकरण के खाते में आ चुका है।
° अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: चौड़ी और सिग्नल-फ्री सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटी सर्विसेज, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और हाई-टेक सुरक्षा व्यवस्था।
° इको-फ्रेंडली और ग्रीन टाउनशिप: पर्यावरण संतुलन के लिए विशाल सेंट्रल पार्क, ग्रीन बेल्ट, वॉटर बॉडीज और वॉकवे का बेहतरीन नेटवर्क।
° इकोनॉमिक हब: आवासीय इकाइयों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक केंद्र, मॉल, शैक्षणिक संस्थान और हेल्थकेयर जोन, जिससे गाजियाबाद में हजारों नए रोजगार पैदा होंगे।
एनसीआर का नया ग्रोथ इंजन बनेगा हरनंदीपुरम
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प्राधिकरण का विजन केवल कंक्रीट की इमारतें खड़ा करना नहीं, बल्कि एक ऐसा हाई-टेक अर्बन इकोसिस्टम तैयार करना है जहां रहने वाले परिवारों को प्रीमियम जीवनशैली मिले। यह प्रोजेक्ट हिंडन नदी के तटवर्ती क्षेत्र के विस्तार को एक सुनियोजित और आधुनिक पहचान देगा। जमीन की उपलब्धता बढ़ते ही जीडीए इसके अगले चरणों की भी घोषणा करेगा, जिससे पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
