व्हाट्सऐप पर दो ऑडियो संदेश भेजकर हत्या की धमकी देने का आरोप
नई दिल्ली/गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद से प्रकाशित हिंदी दैनिक राष्ट्रीय शिखर के समाचार संपादक आरव शर्मा को जान से मारने की धमकी मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि 18 अक्टूबर की रात करीब 10:21 बजे उनके व्हाट्सऐप पर दो ऑडियो संदेश भेजे गए। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर अपना नाम आशु प्रजापति बताते हुए खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया और आरव शर्मा को जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद पत्रकार और उनका परिवार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरव शर्मा ने दिल्ली और गाजियाबाद पुलिस को अलग-अलग सूचित कर सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा धमकी देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आरव शर्मा की ओर से दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में दी गई लिखित शिकायत के मुताबिक, उनके व्हाट्सऐप पर मोबाइल नंबर 6359456805 से ऑडियो संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में बोलने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से आशु प्रजापति बोल रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि संदेशों में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और हत्या कराने की बात भी कही गई। संबंधित व्हाट्सऐप खाते पर ‘Lawrence Bishnoi gang’ नाम दिखाई देने की बात भी सामने आई है। हालांकि, संदेश भेजने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान और किसी आपराधिक गिरोह से उसके संबंधों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

रात में आए ऑडियो संदेशों से मचा हड़कंप
बताया गया है कि 18 अक्टूबर की रात करीब 10:21 बजे व्हाट्सऐप पर आए कथित धमकी भरे ऑडियो संदेशों के बाद आरव शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी और पुलिस से मामले की जांच कराने तथा अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
शिकायत में संबंधित मोबाइल नंबर और ऑडियो संदेशों का उल्लेख करते हुए उनकी जांच कराने की मांग की गई है, ताकि संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान हो सके। आरव शर्मा का कहना है कि पत्रकार होने के नाते वह जनहित से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं, लेकिन इस तरह की धमकी मिलने से उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।
दिल्ली पुलिस से शिकायत, गाजियाबाद में भी सुरक्षा की गुहार
आरव शर्मा गाजियाबाद के निवासी हैं। धमकी की घटना के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस को शिकायत देने के साथ-साथ गाजियाबाद पुलिस को भी पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त जे. रविंद्र गौड़ से मुलाकात कर अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
आरव शर्मा की शिकायत के अनुसार, धमकी को हल्के में लेने के बजाय उन्होंने पुलिस को उपलब्ध जानकारी और कथित ऑडियो संदेशों का विवरण सौंपकर कार्रवाई का अनुरोध किया है। परिवार को आशंका है कि यदि समय रहते मामले की गंभीरता से जांच कर सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए तो कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
मामले को लेकर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त केशव चौधरी का कहना है कि प्रकरण की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस की जांच में संबंधित मोबाइल नंबर, व्हाट्सऐप खाते, ऑडियो संदेशों की सत्यता और संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान महत्वपूर्ण होगी।
परिवार की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
कथित धमकी के बाद आरव शर्मा के परिवार में भी चिंता का माहौल है। उनकी मांग है कि मामले में केवल शिकायत दर्ज करने तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि धमकी के स्रोत का पता लगाकर संभावित खतरे का आकलन किया जाए। उन्होंने पुलिस से अपनी तथा परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए उचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।
आरव शर्मा का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने और किसी दूसरे व्यक्ति को जान से मारने की धमकी देने का अधिकार नहीं है। यदि जांच में धमकी देने वाले व्यक्ति के विरुद्ध आरोप सही पाए जाते हैं तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्रकार की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
राष्ट्रीय शिखर के समाचार संपादक को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिलने की घटना ने पत्रकारों की व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। समाचार संकलन, संपादन और जनहित से जुड़े विषयों पर काम करने वाले पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। किसी पत्रकार को धमकी मिलने की शिकायत पर निष्पक्ष जांच और संभावित खतरे का समय रहते आकलन आवश्यक है।
फिलहाल इस मामले में तीन प्रमुख बिंदुओं पर जांच की जरूरत है
व्हाट्सऐप पर भेजे गए दोनों ऑडियो संदेशों की सत्यता, संदेश भेजने वाले व्यक्ति की वास्तविक पहचान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से संबंध होने के उसके कथित दावे की पुष्टि। पुलिस जांच से ही स्पष्ट होगा कि धमकी के पीछे कौन है और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था।
आरव शर्मा ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं तथा दोषी की पहचान कर उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।
