शामली (शिखर समाचार)। शहर के प्रसिद्ध हनुमान टीला हनुमान धाम पर 57वें रामलीला महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अरविंद संगल और वरिष्ठ समाजसेवी अजय मानव संगल ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर रामलीला महोत्सव का शुभारंभ किया। रामलीला समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने अतिथियों का स्वागत किया।
नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में उतारना चाहिए। उनके जीवन से सत्य, मर्यादा, त्याग और कर्तव्य पालन की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चे धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से दूर होकर मोबाइल के अधिक करीब होते जा रहे हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़कर उनका उचित मार्गदर्शन करें। बच्चों को संस्कारवान और जिम्मेदार बनाने के लिए उन्हें धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जोड़ना जरूरी है।
रामलीला धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों की देती है प्रेरणा
वरिष्ठ समाजसेवी अजय मानव संगल ने रामलीला के कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कलाकार कई दिनों तक मेहनत और अभ्यास के बाद अपनी प्रस्तुति को बेहतर बनाते हैं। रामलीला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के चरित्र और सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है। यह अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का संदेश देती है।
नारद मोह की लीला ने मोहा दर्शकों का मन
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शुभारंभ के बाद स्थानीय और बाहरी कलाकारों ने गणेश वंदना एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद नारद मोह की लीला का मनोहारी मंचन हुआ। नारद की भूमिका वंश निर्वाल, कामदेव की भूमिका पंडित भगवत निशांत पाठक, इंद्र की भूमिका सुनील गुप्ता और भगवान विष्णु की भूमिका आकाश धीमान ने निभाई। कलाकारों के प्रभावी अभिनय और संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लीला देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कार्यक्रम में रामलीला समिति के प्रधान सुनील द्विवेदी, महासचिव राजकुमार मित्तल सहित समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. अनुराग शर्मा एवं लोकेश शर्मा ने किया।
