हरिद्वार (शिखर समाचार)। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों से संबंधित 88 शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं, जिनमें से 45 का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र और समयबद्ध निस्तारण के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल और राशन कार्ड सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। हरिलोक कॉलोनी फेस-1, ज्वालापुर निवासी ओपी सिंह ने आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने तथा कॉलोनी की सुरक्षा दीवार तोड़कर बाहरी वाहनों के आवागमन से सुरक्षा संबंधी समस्या उठाई। लाल वाला खालसा के ग्रामीणों ने ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत की। सैदपुर पंचायत कुरड़ी की विद्या ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने और आवास नहीं होने पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की।
जनसुनवाई में 45 शिकायतों का मौके पर निस्तारण
बहादराबाद-बेगमपुर औद्योगिक क्षेत्र की मुख्य सड़क पर लंबे समय से जलभराव, गंदगी और क्षतिग्रस्त सड़क की शिकायत भी दर्ज कराई गई। वहीं ग्राम रंघड़वाला के रामकुमार ने वर्ष 1988-99 में आवंटित पट्टे को खतौनी में दर्ज कराने तथा शिव गंगा विहार सोसाइटी क्षेत्र के निवासियों ने प्लास्टिक कबाड़ के अनियंत्रित भंडारण और जलाने से हो रहे प्रदूषण की शिकायत की।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निस्तारण किया जाए। स्थलीय निरीक्षण वाले मामलों में संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय से निरीक्षण कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/
सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा में 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए। एल-1 स्तर पर 267 और एल-2 स्तर पर 89 शिकायतें लंबित पाई गईं। बैठक में अपर जिलाधिकारी वैभव गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और फरियादी मौजूद रहे।
