हरिद्वार (शिखर समाचार)। रामपुर तिराहा कांड की 32वीं बरसी के अवसर पर शुक्रवार को शहीद स्थल रामपुर तिराहा पर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शहीदों की पुण्य स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने राज्य आंदोलन के शहीदों की स्मृतियों को संरक्षित करने और उनके योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
शहीद आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं स्थापित करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य आंदोलन में शहीद हुए जिन आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं अभी तक स्थापित नहीं हुई हैं, उनकी प्रतिमाएं उनके पैतृक गांव अथवा निवास क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर स्थापित की जाएंगी। उन्होंने रामपुर तिराहा स्थित राज्य अतिथि गृह के उच्चीकरण, स्मारक परिसर के पुस्तकालय को ई-पुस्तकालय के रूप में विकसित करने तथा संग्रहालय के विस्तार की घोषणा भी की। संग्रहालय में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा और लोक संस्कृति से जुड़ी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के पुनः चिन्हीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक और दो अक्टूबर 1994 की रात दिल्ली जा रहे राज्य आंदोलनकारियों के साथ रामपुर तिराहा में हुई घटना उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास का अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है। खटीमा, मसूरी, रामपुर तिराहा और श्रीनगर सहित विभिन्न स्थानों पर आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया, जिसके बाद पृथक उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं हितों के लिए कार्य कर रही है। राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, निःशुल्क बस यात्रा और अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
27 लाख रुपये से स्थापित होंगी शहीदों की प्रतिमाएं
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मुख्यमंत्री ने रामपुर तिराहा कांड के शहीदों की प्रतिमाओं की स्थापना के कार्य का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि प्रतिमाओं की स्थापना के लिए 27 लाख रुपये की धनराशि जारी की गई है। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, विधायक वंदना, पूर्व विधायक अशोक कंसल, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर सहित बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
