——–14 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 16 से 25 सितंबर तक दिगंबर जैन समाज मनाएगा दशलक्षण महापर्व
मोदीनगर (शिखर समाचार)। सितंबर माह धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखने वाला है। 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाएगी, जबकि 16 सितंबर से दिगंबर जैन समाज का दस दिवसीय दशलक्षण महापर्व प्रारंभ होगा, जो 25 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिष ज्ञानपीठ, मोदीनगर की चेयरपर्सन डॉ. सोनिका जैन ने कहा कि भारतीय पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्ति को अपने विचार, व्यवहार और आचरण को शुद्ध करने की प्रेरणा भी देते हैं।
डॉ. सोनिका जैन के अनुसार 14 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि प्रातः करीब 7:06 बजे शुरू होकर 15 सितंबर को प्रातः 7:44 बजे तक रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में गणपति स्थापना एवं मध्याह्न पूजन के लिए प्रातः 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक का समय शुभ रहेगा। भगवान गणेश को बुद्धि, विवेक और शुभता का प्रतीक माना जाता है। गणेश चतुर्थी का संदेश है कि प्रत्येक शुभ कार्य की शुरुआत सद्बुद्धि, सकारात्मक सोच और पवित्र संकल्प के साथ की जाए। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी और अन्य प्राकृतिक सामग्री से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना पर भी जोर दिया।
दस दिनों में दस धर्मों की आराधना
दिगंबर जैन समाज का दशलक्षण महापर्व आत्मचिंतन, आत्मसंयम और आत्मशुद्धि का पर्व है। 16 सितंबर को उत्तम क्षमा के साथ शुरुआत होगी। 17 सितंबर को उत्तम मार्दव, 18 को उत्तम आर्जव, 19 को उत्तम शौच, 20 को उत्तम सत्य, 21 को उत्तम संयम, 22 को उत्तम तप, 23 को उत्तम त्याग, 24 को उत्तम आकिंचन्य और 25 सितंबर को उत्तम ब्रह्मचर्य की आराधना की जाएगी।
बाहर नहीं, भीतर के विघ्नों पर विजय जरूरी
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डॉ. सोनिका जैन ने कहा कि गणेश चतुर्थी और दशलक्षण महापर्व का एक के बाद एक आना विशेष आध्यात्मिक संदेश देता है। गणेश चतुर्थी जहां सद्बुद्धि और विघ्नों पर विजय की प्रेरणा देती है, वहीं दशलक्षण पर्व क्रोध, अहंकार, छल और लोभ जैसे आंतरिक विकारों पर विजय पाने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने कहा कि पर्व की वास्तविक सार्थकता केवल पूजा अनुष्ठान में नहीं, बल्कि उनके संदेश को दैनिक जीवन में उतारने में है। क्षमा, विनम्रता, सरलता, संतोष, सत्य, संयम, तप, त्याग और शुद्ध आचरण को जीवन का हिस्सा बनाकर ही आत्मिक शांति प्राप्त की जा सकती है।
