राष्ट्रीय लोक अदालत में 12,444 मामलों का निस्तारण, 30.33 करोड़ रुपये की धनराशि पर हुआ समझौता

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
12,444 Cases Settled in National Lok Adalat, Settlement Reached on Amount of ₹30.33 Crore — IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

देहरादून (शिखर समाचार)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के तत्वावधान में शनिवार को जिला मुख्यालय देहरादून सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, मसूरी और चकराता के न्यायालयों में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरीश कुमार गोयल की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित लोक अदालत में कुल 12,444 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें कुल 30 करोड़ 33 लाख 93 हजार 475 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ।

जिला मुख्यालय देहरादून में फौजदारी के

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html\

जिला मुख्यालय देहरादून में फौजदारी के शमनीय प्रकृति के 242, चेक से संबंधित 742, धन वसूली के चार, मोटर दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के 73, पारिवारिक विवाद के 158, जनोपयोगी सेवाओं के 29, मोटर वाहन अधिनियम के शमनीय अपराधों से संबंधित 3,858 तथा अन्य दीवानी प्रकृति के 137 और अन्य समझौता योग्य 13 मामलों सहित कुल 5,541 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 26 करोड़ 49 लाख 89 हजार 532 रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ।

विकासनगर में 1,316, ऋषिकेश में 557, डोईवाला में 179, मसूरी में 55 और चकराता में 73 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं विभिन्न बैंकों और संस्थानों से संबंधित न्यायालय में जाने से पहले के कुल 6,903 मामलों का भी निस्तारण हुआ, जिनमें 3 करोड़ 84 लाख 3 हजार 943 रुपये की धनराशि पर समझौता किया गया।

जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने कहा कि

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

जिला न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालतें आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम हैं। इनके माध्यम से आपसी सहमति, सौहार्द और संवाद की भावना को बढ़ावा मिलता है। लोक अदालत में पारित निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होते हैं तथा मामलों के निस्तारण के बाद पक्षकारों को जमा न्याय शुल्क भी वापस किया जाता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि उल्लेखनीय निस्तारण जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन और न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं तथा प्राधिकरण की टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

Share This Article
Leave a comment