साहित्य से चिंतन और संस्कृति से जुड़ाव जरूरी: मुख्य सचिव

Rashtriya Shikhar
3 Min Read
Introspection through literature and connection with culture are essential: Chief Secretary IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

हरिद्वार (शिखर समाचार)। डीपीएस रानीपुर के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘स्वर्ण अक्षर-2026’ साहित्य एवं सांस्कृतिक महोत्सव में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ।

साहित्य व्यक्ति को प्रश्न पूछने और चिंतन करने की प्रेरणा देता है

ALSO READ:https://www.jagran.com/uttar-pradesh/ghaziabad-indirapuram-woman-death-family-halts-last-rites-demands-probe-40199229.html

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा कि ‘स्वर्ण अक्षर’ नाम अपने आप में विशेष अर्थ रखता है। स्वर्ण अनमोलता का प्रतीक है, जबकि अक्षर मानव मन के विचारों, कल्पना और शक्ति को अभिव्यक्त करने का माध्यम हैं। किसी संस्थान की 50 वर्षों की यात्रा महत्वपूर्ण उपलब्धि और गौरव का विषय होती है। उन्होंने कहा कि किसी संस्था का निर्माण केवल कक्षाओं और भवनों से नहीं, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और उससे जुड़े लोगों के योगदान से होता है।

उन्होंने कहा कि आज तकनीकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का दौर है। ऐसे समय में साहित्य की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। चारों ओर उपलब्ध सूचना को ज्ञान नहीं कहा जा सकता। साहित्य व्यक्ति को प्रश्न पूछने, चिंतन करने और अपने ज्ञान का विस्तार करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने छात्रों से पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर अधिक से अधिक साहित्य पढ़ने और निरंतर सीखते रहने का आह्वान किया।

WhatsApp Image 2026 09 10 at 21.22.32

संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक

ALSO READ:https://rashtriyashikhar.com/town-vending-committee-meeting-in-presence/

मुख्य सचिव ने कहा कि हिमालय, लोक परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत उत्तराखंड की पहचान हैं। उन्होंने विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि डीपीएस के छात्र विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने छात्रों से समय-समय पर स्वयं से तीन सवाल पूछने को कहा कि मैंने क्या सीखा, मैंने क्या योगदान दिया और मैंने किसकी मदद की। उन्होंने कहा कि आधुनिकता अपनाने के साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों से जुड़े रहना आवश्यक है।

कार्यक्रम में डीपीएस रानीपुर की 50 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। छात्र-छात्राओं ने विभिन्न शास्त्रीय एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, बीएचईएल के मुख्य वित्त अधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी, कार्यकारी निदेशक रंजन कुमार, प्रधानाचार्य अनुपम जग्गा, उपप्रधानाचार्य डॉ. पविंदर सिंह, शैक्षणिक उपप्रधानाचार्य अनुपमा श्रीवास्तव और डीपीएस रानीपुर के प्रो-वाइस चेयरमैन एनएस राणा सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक मौजूद रहे।

Share This Article
Leave a comment