लक्सर में आपदा प्रबंधन की समीक्षा, राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेजी के निर्देश

Rashtriya Shikhar
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Disaster Management Reviewed in Laksar; Directions Issued to Expedite Relief and Rehabilitation Work IMAGE CREDIT TO रिपोर्टर

हरिद्वार (शिखर समाचार)। विकासखंड सभागार लक्सर में उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रुहेला की अध्यक्षता में मानसून, बाढ़ आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन के साथ सिंचाई, लोक निर्माण, जल संस्थान, विद्युत, स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायती राज, नगर निकाय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। विनय रुहेला ने लक्सर और खानपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों, राहत एवं बचाव कार्यों, जल निकासी, क्षति आकलन और पुनर्वास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए।

उन्होंने क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों, संपर्क मार्गों और गांवों को जोड़ने वाली पुलियाओं की स्थिति की जानकारी ली। लोक निर्माण विभाग को सभी क्षतिग्रस्त सड़कों की निगरानी कर दो दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। निरंजनपुर और गंगदासपुर में जलभराव, कुआंखेड़ा मार्ग पर सोलानी नदी का कटाव, नरोजपुर की क्षतिग्रस्त सड़क, पोडोवाली पुल और नियामतपुर तथा दाबकी की सड़कों से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। निरंजनपुर में जल निकासी के लिए नाला निर्माण शीघ्र शुरू कराने को कहा गया।

क्षतिग्रस्त सड़कों की दो दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश

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बैठक में विनय रुहेला ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत महाराजपुर के सत्संग भवन से गंगदासपुर तक करीब 4.50 किलोमीटर सड़क के निर्माण एवं सुधार के लिए 3.72 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। उन्होंने निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए।

कुआंखेड़ा में सोलानी नदी के कटाव प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर उन्होंने सिंचाई विभाग को तत्काल सुरक्षात्मक कार्य शुरू करने को कहा। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, बिजली, पशु चारा और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रखने तथा जलभराव वाले स्थानों पर सफाई, पानी निकासी और कीटनाशक छिड़काव कराने के निर्देश दिए।

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