शामली (शिखर समाचार)। श्री राम कथा सेवा समिति शामली के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा का रविवार को विधि-विधान के साथ समापन हुआ। कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने श्रद्धालुओं को शिव महापुराण की कथा का श्रवण कराते हुए जीवन में धर्म, संयम, सात्विकता और अनुशासन अपनाने का संदेश दिया।
धर्म के साथ सात्विक जीवन और अनुशासन अपनाने का संदेश
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को शुद्ध एवं सात्विक भोजन करना चाहिए और खान-पान के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संत का जीवन कठिन और अनुशासित होता है तथा उसे अपना जीवन वेदों के अनुसार व्यतीत करना होता है। धार्मिक आयोजनों में शामिल होना ही धर्म का पालन नहीं है, बल्कि धार्मिक नियमों के अनुरूप आचरण और अनुशासन भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के बावजूद आवश्यक धार्मिक नियमों और क्रियाओं का पालन नहीं करते। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को धर्म के साथ अपनी जीवनशैली और आचरण में भी सात्विकता तथा अनुशासन अपनाना चाहिए।
कथा समापन से पूर्व सुबह हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। पंडित कैलाश पाठक ने विधि-विधान के साथ हवन संपन्न कराया। यज्ञ के यजमान विपिन कुमार उर्फ मोनू रहे। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर सुख-शांति और लोक कल्याण की कामना की।

हवन-यज्ञ के बाद विशाल भंडारे में उमड़े श्रद्धालु
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इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। शामली शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा। समिति पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने कथा के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया।
इस अवसर पर योगेश मित्तल, सचिन मित्तल, अजय मित्तल, राहुल किशोर, नंदकिशोर, विजय पाल मलिक, रितेश गोयल आदि मौजूद रहे।
