मेरठ (शिखर समाचार)। जनशिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के मामले में अगस्त 2026 की आईजीआरएस रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के चारों जनपदों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने जनसुनवाई की जनपदवार समीक्षा करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वाले थाना और सर्किल स्तर के अधिकारियों की सराहना की, वहीं शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर कई अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
समीक्षा के दौरान सामने आया कि परिक्षेत्र कार्यालय में ऐसे प्रकरण भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिनका निस्तारण थाना और सर्किल स्तर पर ही किया जा सकता था। इसे स्थानीय स्तर पर जनसुनवाई और शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित तत्परता तथा गुणवत्ता का अभाव माना गया। अगस्त में मेरठ के कोतवाली सर्किल से 28 और सदर देहात सर्किल से 29 प्रार्थना पत्र परिक्षेत्र कार्यालय पहुंचे। थाना लिसाड़ी गेट और लोहियानगर से 11-11 तथा भावनपुर से 13 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। बुलंदशहर में बीबीनगर से 10 और खुर्जा नगर से 11 तथा हापुड़ नगर सर्किल से 25 और हापुड़ नगर थाने से 17 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए।
आईजीआरएस रैंकिंग में चारों जनपद प्रथम
डीआईजी ने क्षेत्राधिकारी कोतवाली और सदर देहात मेरठ, क्षेत्राधिकारी हापुड़ नगर तथा लोहियानगर, लिसाड़ी गेट, भावनपुर, खुर्जा नगर, बीबीनगर और हापुड़ नगर थाना प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। वहीं कंकरखेड़ा थाने से जुड़े दो मामलों में मुकदमा दर्ज न करने के आरोपों पर थाना प्रभारी से भी जवाब तलब किया गया है।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर स्पष्टीकरण
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इनमें एक मामला एटीएम सहायता के नाम पर 60 हजार रुपये की ठगी और दूसरा घर में चोरी से संबंधित है। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में लापरवाही और अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं होगी तथा आमजन की शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
