नंदी पार्क में 1923 गोवंश मिले, पट्टी गोआश्रय स्थल में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश

Rashtriya Shikhar
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1923 Cattle Found at Nandi Park, Instructions Issued to Improve Arrangements at Patti Cow Shelter IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने सोमवार को जनपद में गोवंश संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले दोपहर 2:30 बजे नगर निगम स्थित नंदी पार्क गोआश्रय स्थल का निरीक्षण किया, जहां 1,923 गोवंश संरक्षित मिले। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई और गोवंशों के रख-रखाव की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। अधिकारियों ने मृत्यु अभिलेख, पंचनामा, भूसा अभिलेख, चारा पंजिका और गोवंश पंजिका सहित अन्य अभिलेखों की जांच की। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोनिका गुप्ता और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए गोवंश सेवा में संवेदनशीलता और तत्परता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त शेड बनने के बाद छोटे और बड़े गोवंशों को अलग-अलग रखने का सुझाव भी दिया गया।

गोआश्रय स्थलों में व्यवस्थाओं का किया आकस्मिक निरीक्षण

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इसके बाद शाम 6:30 बजे विकासखंड भोजपुर के स्थायी गोआश्रय स्थल पट्टी का निरीक्षण किया गया, जहां 155 गोवंश मिले। वहां भूसा, दाना और हरा चारा उपलब्ध पाया गया, लेकिन पथरीली भूमि के कारण हरा चारा अपेक्षित रूप से विकसित नहीं हो सका। अधिकारियों ने दोबारा हरा चारा लगाने के निर्देश दिए।

बीमार गोवंशों के उपचार और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था पर जोर

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गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने कहा कि निराश्रित गोवंश का संरक्षण और उनके भरण-पोषण की समुचित व्यवस्था संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। उन्होंने बीमार गोवंशों के उपचार, स्वच्छ पेयजल, नांद और पानी की टंकियों की नियमित सफाई तथा पर्याप्त सुरक्षित स्थान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गोवंशों के गले में ऐसी रस्सी या सामग्री न बांधी जाए, जिससे उन्हें चोट या कष्ट पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्री प्रकाश पाण्डेय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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