हरिद्वार (शिखर समाचार)। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत हरिद्वार जिले में पात्रता सूची के पुनरीक्षण का कार्य विकासखंड स्तर पर शुरू कर दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर योजना की सूची में शामिल अपात्र परिवारों को हटाने और पूर्व सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों को सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचाना है।
प्रशासन के अनुसार 18 अगस्त तक आपत्तियां और शिकायतें दर्ज कराने की निर्धारित अवधि में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों से कुल 2,282 आपत्तियां प्राप्त हुईं। इनमें से 943 आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है, जबकि 1,340 आपत्तियों की जांच अभी जारी है। जांच प्रक्रिया के दौरान अब तक जिले के विभिन्न विकासखंडों में 419 ऐसे लाभार्थियों को चिन्हित किया गया है, जो योजना के लिए अपात्र पाए गए हैं। इन लाभार्थियों के नाम पात्रता सूची से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छूटे पात्र परिवारों की भी दोबारा जांच
इसके साथ ही पूर्व सर्वेक्षण में छूटे पात्र परिवारों और किसी कारणवश पात्र होने के बावजूद सूची से बाहर रह गए परिवारों की भी दोबारा जांच की जा रही है। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले परिवारों को अलग से सूचीबद्ध कर योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने के निर्देश
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मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में अपात्र व्यक्ति का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की पात्रता सूची में नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आवास स्वीकृत होने से पहले यदि कोई लाभार्थी अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम सूची से हटा दिया जाएगा। अधिकारियों को आपत्तियों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर पात्र एवं अपात्र परिवारों का सही सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
