गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम शुरू, 2000 सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

Rashtriya Shikhar
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Integrated Control Room Launched in Ghaziabad to Monitor Kanwar Yatra, Surveillance Through 2,000 CCTV Cameras | IMAGE CREDIT TO सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)।

कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए मेरठ रोड तिराहे पर जिला प्रशासन एवं सिविल डिफेंस के संयुक्त एकीकृत नियंत्रण कक्ष का औपचारिक शुभारंभ किया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़, पुलिस उपायुक्त धवल जायसवाल, नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने संयुक्त रूप से कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया।

यहां से कांवड़ मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

2000 सीसीटीवी कैमरों से कांवड़ मार्गों की निगरानी

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जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि कांवड़ यात्रा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में शामिल है। लाखों शिवभक्त गाजियाबाद से होकर गुजरते हैं, ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।

यात्रा को सफल बनाने में पुलिस-प्रशासन के साथ नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

कंट्रोल रूम से करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कांवड़ मार्ग, मुरादनगर गंगनहर क्षेत्र, राष्ट्रीय राजमार्ग-58, श्रीदूधेश्वरनाथ मंदिर समेत प्रमुख स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है। कैमरों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर जरूरत के मुताबिक तत्काल निर्णय लेने की व्यवस्था की गई है।

स्वास्थ्य, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर

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संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती के साथ असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जा रही है। कांवड़ियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जिले में 65 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इसके अलावा 25 से अधिक स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए गए हैं और 200 से ज्यादा बेड आरक्षित रखे गए हैं।

शिविरों में प्राथमिक उपचार, मरहम-पट्टी और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का दावा है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है।

कांवड़ मार्ग पर चौबीसों घंटे सफाई कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जलभराव वाले स्थानों पर जेट पंपों के जरिए तत्काल पानी निकालने की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पूरे कांवड़ मार्ग को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। भंडारों में पर्यावरण अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि 10 अगस्त को जिले के पांच प्रमुख स्थानों पर कांवड़ यात्रियों के स्वागत के लिए पुष्पवर्षा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धापूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

इस मौके पर अपर जिलाधिकारी नगर विकास कश्यप, नगर मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र त्रिपाठी, सिविल डिफेंस के अनिल अग्रवाल, दिव्यांशु सिंघल, दीपक अग्रवाल, राजेन्द्र शर्मा समेत नगर निगम, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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