डासना जेल में दिव्यांग बंदियों के लिए विशेष जागरूकता शिविर

Rashtriya Shikhar
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Special Awareness Camp for Differently-Abled Inmates Held at Dasna Jail | IMAGE CREDIT TO: सूचना विभाग

गाजियाबाद (शिखर समाचार)। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशन पर डासना जिला कारागार में दिव्यांग बंदियों के पुनर्वास, सामाजिक सशक्तिकरण तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता एवं लाभार्थी सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बंदियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण भी वितरित किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजियाबाद डॉ. सचिन वैश्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हापुड़, जेल अधीक्षक डासना जिला कारागार सीताराम शर्मा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी गाजियाबाद अंशुल चौहान, चिकित्सा विभाग की टीम तथा कारागार प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी।

दिव्यांगजनों को योजनाओं से जोड़ने पर दिया जोर

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उन्होंने बताया कि दिव्यांग पेंशन योजना, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना, स्वरोजगार एवं पुनर्वास योजनाएं, दुकान एवं कियोस्क आवंटन योजना सहित अनेक रोजगारपरक योजनाएं दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि कारागार से रिहा होने के बाद पात्र दिव्यांगजन इन योजनाओं का लाभ लेकर सम्मानजनक जीवन की नई शुरुआत कर सकते हैं। शिविर के दौरान पात्र दिव्यांग बंदियों को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की तरफ से हियरिंग एड और बैसाखियों का वितरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन सहायक उपकरणों से दिव्यांग बंदियों के दैनिक जीवन को आसान बनाने में मदद मिलेगी और उनकी कार्यक्षमता में भी वृद्धि होगी।

यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य के नेतृत्व में चिकित्सा विभाग की टीम ने दिव्यांग प्रमाणपत्र एवं यूडीआईडी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। जिन बंदियों के पास अभी तक दिव्यांग प्रमाणपत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड नहीं थे, उनके आवश्यक दस्तावेजों का संकलन किया गया।

पात्र बंदियों के प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड जल्द से जल्द बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि वे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें।

जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने कहा कि कारागार से रिहा होने वाले दिव्यांग बंदियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता और सरकारी सहायता के माध्यम से दिव्यांग बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने दिव्यांग बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

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