हरिद्वार (शिखर समाचार)। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कांवड़ यात्रा पर आने वाले शिवभक्तों से यात्रा के दौरान निर्धारित नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करने और अपनी क्षमता से अधिक गंगाजल नहीं उठाने की अपील की है। चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, अनुशासन और संयम का पवित्र अनुष्ठान है। इसे पूरी तरह सात्विक जीवनशैली के साथ संपन्न किया जाना चाहिए।
कांवड़ यात्रा में अनुशासन और संयम जरूरी
श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि कुछ लोग भगवान शिव के भांग सेवन का तर्क देकर नशा करने का प्रयास करते हैं, जबकि ऐसी गलत धारणाओं से बचना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का नशा न करें और अपनी शारीरिक क्षमता से अधिक गंगाजल उठाने से बचें, क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव मात्र एक लोटा गंगाजल अर्पित करने से भी प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए दिखावे या प्रतिस्पर्धा की भावना से अधिक भार उठाने की आवश्यकता नहीं है।
प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील
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श्रीमहंत डॉ. रविंद्रपुरी ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु का दायित्व है। आस्था के इस पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सभी को सहयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर विधायक आदेश चौहान, महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद गिरी, महंत राज गिरी, आईडी शर्मा, भोला शर्मा, अमित वालिया, विश्वास सक्सेना सहित अनेक संत, श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
