जेवर (शिखर समाचार)। भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में जेवर तहसील पहुंचकर तहसीलदार प्रतीत सिंह को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी कर इस प्रकार के व्यापारिक समझौते किए गए तो इसका सीधा और व्यापक प्रभाव देश के कृषि क्षेत्र तथा किसानों की आजीविका पर पड़ेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि मांगों की अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा।
ट्रेड डील के विरोध में किसानों ने सौंपा ज्ञापन
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष रविंद्र नागर और संजय शर्मा ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था का आधार कृषि और किसान हैं। ऐसे में किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समझौते या ट्रेड डील को अंतिम रूप देने से पहले किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उनका कहना था कि यदि प्रस्तावित समझौते से कृषि उत्पादों, न्यूनतम समर्थन मूल्य, घरेलू बाजार या किसानों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है तो सरकार को उस पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किसानों के हितों को प्राथमिकता देने की मांग
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किसान नेताओं ने कहा कि सरकार को किसान संगठनों से संवाद स्थापित कर उनकी राय लेने के बाद ही कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के किसानों की चिंताओं और मांगों को गंभीरता से सुना जाना आवश्यक है, ताकि कृषि क्षेत्र और किसानों की आजीविका पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
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किसान नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगों और चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) चरणबद्ध और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
इस दौरान बलराज प्रधान, भोले, रूपन खारी सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
