नगीना/बिजनौर (शिखर समाचार)।
भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को उपजिलाधिकारी प्रिंस कुमार को ज्ञापन सौंपकर किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि 27 जुलाई तक मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो किसान आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
किसानों की समस्याओं को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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तहसील अध्यक्ष आमिर और ब्लॉक अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और किसानों की समस्याओं से संबंधित मांगपत्र सौंपा। ज्ञापन में सभी कृषि उपजों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी लागू करने, किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती बंद कर नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इसके साथ ही सिंचाई व्यवस्था सुचारु रखने के लिए सभी नहरों और रजवाहों में पर्याप्त पानी छोड़े जाने की भी मांग उठाई गई।
आवारा पशुओं और बढ़ती लागत से राहत की मांग
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किसान नेताओं ने ज्ञापन में आवारा और छुट्टा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने तथा कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले बीज, उर्वरक, डीजल और अन्य आवश्यक संसाधनों की बढ़ती लागत कम कर किसानों को राहत देने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के कारण किसानों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
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भाकियू पदाधिकारियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। यदि 27 जुलाई तक मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस अवसर पर भाकियू के उपाध्यक्ष मोहम्मद आफाक अंसारी, कादिर, नाजीर, सरजीत सिंह, साजिद, शहजाद खान, जावेद सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
