गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में इन आरोपियों के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी की आठ घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिनमें कुल 10.18 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है।
साइबर अपराध की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत साइबर अपराध पोर्टल पर चिन्हित हॉट स्पॉट्स के आधार पर कार्रवाई की गई। पोर्टल से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रियांशु कुमार शर्मा (19 वर्ष), विवेक कुमार (24 वर्ष) और पारस सोम (21 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों गाजियाबाद के निवासी हैं। इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
बैंक खातों के जरिए ठगी की रकम पहुंचाते थे मुख्य गिरोह तक
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से जुड़े 4.15 लाख रुपये प्राप्त हुए थे, जिन्हें बाद में निकाल लिया गया था। पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी के धन को अपने बैंक खातों में प्राप्त करते थे। इसके बाद बैंक से नकदी निकालकर मुख्य ठगों तक पहुंचाते थे। इस कार्य के बदले उन्हें ठगी की रकम का लगभग पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था।
आरोपियों के साथी फिशिंग, फर्जी गेमिंग एप, शेयर ट्रेडिंग एवं निवेश के नाम पर धोखाधड़ी और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगते थे। ठगी की रकम इन आरोपियों के खातों में ट्रांसफर की जाती थी, जिसे वे निकालकर आगे पहुंचाते थे।
सात राज्यों में फैली ठगी की कड़ियां, पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
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बरामद साक्ष्यों के आधार पर दिल्ली, झारखंड, राजस्थान, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों में हुई आठ साइबर ठगी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। जांच में इन राज्यों के कई पीड़ितों के साथ हुई साइबर ठगी की घटनाओं का संबंध आरोपियों के बैंक खातों से जुड़ा पाया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर का उपयोग आर्थिक लेन-देन के लिए न करने दें तथा किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस को दें।
