गाजियाबाद (शिखर समाचार)। थाना ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में हुई व्यक्ति जाकिर की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज वारदात में मृतक की लिव-इन पार्टनर और उसकी सगी बहन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा और गमछा भी बरामद पुलिस ने कर लिया है। एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि 29 जून 2026 को समीर खान उर्फ नासिर ने अपने भाई जाकिर की हत्या किए जाने की शिकायत थाना ट्रोनिका सिटी में दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मैनुअल इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर दिया है। गिरफ्तार महिला अभियुक्तों की पहचान किरण (32 वर्ष), निवासी छोटी सराय, जनपद बुलंदशहर तथा उसकी सगी बहन कदीम (21 वर्ष), निवासी ग्राम रिढावली, थाना गुलावठी, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह पिछले चार-पांच वर्षों से जाकिर को जानती थी।
दोनों की दोस्ती बाद में लिव-इन रिलेशनशिप में
दोनों की दोस्ती बाद में लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई और करीब आठ-नौ महीने से दोनों ट्रोनिका सिटी क्षेत्र में पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। किरण के साथ उसके तीन बच्चे भी रहते थे। पिछले करीब दो महीने से उसे शक था कि जाकिर उसकी 13 वर्षीय बेटी पर गलत नजर रखता है। इसी आशंका के चलते उसने उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया। लगभग 20 दिन पहले उसने अपनी बहन कदीम को बुलाकर पूरी बात बताई और दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई। योजना के अनुसार जाकिर के मोबाइल से ओला कैब बुक कराई गई ताकि बच्चों को घर से बाहर भेजा जा सके। जैसे ही बच्चे कैब में बैठने के लिए बाहर निकले, घर के अंदर मौजूद दोनों बहनों ने जाकिर पर हमला कर दिया। किरण ने पहले डंडे से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद दोनों बहनों ने गमछे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी।वारदात के बाद हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हत्या में प्रयुक्त डंडे को छत पर पानी की टंकी के पीछे छिपा दिया गया था और गमछे को पंखे से बांधकर पंखे की पंखुड़ियां मोड़ दीं ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। इसके बाद किरण ने शोर मचाया और मृतक के भाई को फोन कर बताया कि जाकिर ने आत्महत्या कर ली है। बाद में उसे अस्पताल भी ले जाया गया, जहां भी उसने यही कहानी दोहराई।
