सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई

Rashtriya Shikhar
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"Major action has been taken due to serious negligence in safety standards." IMAGE CREDIT TO REPORTER

——जेपी ग्रीन्स क्यूब परियोजना का निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से बंद, मजदूर की मौत के बाद कारखाना विभाग सख्त

आरव शर्मा
नोएडा (शिखर समाचार)।
गौतमबुद्धनगर के सेक्टर-128 स्थित जेपी ग्रीन्स क्यूब परियोजना में सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी पाए जाने पर कारखाना विभाग ने निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से स्थगित एवं प्रतिबंधित कर दिया है। यह कार्रवाई 17 जून को एक श्रमिक की ऊंचाई से गिरकर हुई मौत के बाद की गई जांच के आधार पर की गई।

कारखाना विभाग द्वारा 25 जून को परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान निर्माण स्थल पर खुले शाफ्ट, असुरक्षित फ्लोर ओपनिंग, मानकविहीन स्कैफोल्डिंग, अपर्याप्त सेफ्टी नेट, श्रमिकों के लिए सुरक्षा उपकरणों की कमी, क्रेन एवं होइस्ट का परीक्षण न होना, विद्युत सुरक्षा में गंभीर खामियां, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था का अभाव तथा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की कमी जैसी अनेक गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि परियोजना के पांच टावरों में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य संचालित किया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने स्थल पर मौजूद प्रतिनिधियों और कर्मकारों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए तथा उपलब्ध अभिलेखों का गहन परीक्षण किया।

जांच में पाया गया कि 17 जून 2026 को कर्मकार पप्पू यादव की ऊंचाई से गिरकर हुई मृत्यु सुरक्षा मानकों की अनदेखी का परिणाम हो सकती है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मौजूदा परिस्थितियों में निर्माण कार्य जारी रखना अन्य श्रमिकों एवं परिसर में आने वाले व्यक्तियों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

कारखाना विभाग ने जनहित और श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए आदेश जारी किया है कि परियोजना परिसर में सभी निर्माण गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद रहेंगी। निर्माण कार्य तभी दोबारा शुरू किया जा सकेगा जब सभी सुरक्षा खामियों को दूर कर किसी मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान अथवा विशेषज्ञ संस्था से विस्तृत सुरक्षा परीक्षण कराया जाएगा और उसकी रिपोर्ट तथा सुरक्षा प्रमाण-पत्र विभाग को प्रस्तुत कर स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।

क्या बोले सहायक निदेशक कारखाना रामबहादुर

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सहायक निदेशक कारखाना रामबहादुर ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर अनेक गंभीर सुरक्षा खामियां पाई गई हैं, जो भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम-1996 तथा उत्तर प्रदेश नियमावली-2009 का उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि एक श्रमिक की मृत्यु के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच कराई गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित नहीं किया जाता और मान्यता प्राप्त तकनीकी संस्थान से सुरक्षा परीक्षण कराकर रिपोर्ट एवं सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक निर्माण कार्य पर लगी रोक जारी रहेगी। श्रमिकों के जीवन और सुरक्षा की रक्षा विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कारखाना विभाग की इस कार्रवाई को नोएडा क्षेत्र में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि श्रमिकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

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