आरव शर्मा
गाजियाबाद (शिखर समाचार)। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए काटी जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। 17 जून 2026 को जीडीए के प्रवर्तन जोन-2 की टीम ने मुरादनगर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 24,000 वर्ग मीटर में बस रही अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान निर्माणकर्ताओं ने भारी विरोध किया, लेकिन पुलिस बल की मुस्तैदी के चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी की गई।
प्रवर्तन जोन-2 के प्रभारी के नेतृत्व में जीडीए की टीम सबसे पहले मुरादनगर के ग्राम डिडौली स्थित खसरा संख्या-444 पर पहुंची। यहां कृष्णपाल द्वारा लगभग 16,000 वर्ग मीटर जमीन पर मिट्टी से सड़क बनाकर और चिनाई कर अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। मौके पर निर्माणकर्ता की ओर से कोई भी स्वीकृत मानचित्र (नक्शा) नहीं दिखाया जा सका, जिसके बाद प्राधिकरण की टीम ने निर्माण को ढहा दिया।
इसके बाद टीम ने मोदीनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मुरादनगर स्थित एनसी भानू रेजिडेंसी पर भी चाबुक चलाया। यहां प्रमोद कुमार, पवन कुमार और आईएमपी रियल्टी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा लगभग 8,000 वर्ग मीटर जमीन पर सड़क, नाली और चिनाई कर अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे थे। जांच में यह सामने आया कि कॉलोनी के पूर्व में स्वीकृत मानचित्र (मई 2014) के अलावा अतिरिक्त भूमि पर यह प्लॉटिंग की गई थी। जीडीए की टीम ने इस अवैध निर्माण को भी पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
भारी विरोध के बीच जारी रही कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान स्थानीय निर्माणकर्ताओं ने जमकर हंगामा और विरोध किया। हालांकि, मौके पर मौजूद प्राधिकरण के पुलिस बल ने उपद्रवियों को तुरंत नियंत्रित कर लिया और ध्वस्तीकरण का काम निर्बाध रूप से जारी रखा। प्रवर्तन जोन-2 के स्टाफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों जगहों पर अवैध निर्माण को ध्वस्त और सील कर दिया गया है।
जीडीए अधिकारियों ने सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और बिना नक्शे के काटी जा रही कॉलोनियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण व सीलिंग की कार्रवाई इसी प्रकार आगे भी जारी रहेगी।
