हापुड़ (शिखर समाचार)
हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) ने अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 36 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। साथ ही 140 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में निर्माणाधीन एक व्यावसायिक भवन को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से अवैध निर्माणकर्ताओं और कालोनाइजरों में हड़कंप मच गया है।
ग्राम पटना मुरादपुर और असौड़ा में बड़ी कार्रवाई
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष मुकेश चंद्रा के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में यह अभियान चलाया गया। प्रभारी सचिव अमित कादियान ने बताया कि हापुड़ विकास क्षेत्र के ग्राम पटना मुरादपुर बिजलीघर के सामने विकास गोयल, सेंसरपाल और देवेंद्र कुमार द्वारा लगभग 20 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया।
इसी प्रकार किठौर रोड स्थित ग्राम असौड़ा में अब्दुल गनी, हाजी इदरीश, पप्पी चौधरी और सोमदत्त द्वारा 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया गया। वहीं ग्राम मंसूरपुर में पवन कुमार और सुशील कुमार द्वारा छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लाटिंग को भी ध्वस्त कर दिया गया।
व्यावसायिक निर्माण पर सीलिंग कार्रवाई
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इसके अलावा ग्राम पटना ततारपुर मोड़ पर गुरुवेंद्र सिंह द्वारा बिना स्वीकृति कराए बनाए जा रहे 140 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया गया।
प्राधिकरण की सख्त चेतावनी और आगे की कार्रवाई
प्रभारी सचिव अमित कादियान ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या प्लाटिंग करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करें। प्राधिकरण की टीमें लगातार अवैध कालोनियों, प्लाटिंग और निर्माण कार्यों को चिन्हित करने में जुटी हैं। जून माह में भी अलग-अलग तिथियों पर विशेष अभियान चलाकर अवैध निर्माणों और प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
