बिजनौर (शिखर समाचार)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वाति चंद्रा ने की, जबकि संचालन डॉ. समीर भटनागर ने किया।
तंबाकू उन्मूलन पर दिया गया विशेष जोर
शिविर को संबोधित करते हुए स्वाति चंद्रा ने तंबाकू उन्मूलन पर विशेष जोर दिया और कर्मचारियों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि देश में तंबाकू उत्पादों के सेवन को पूरी तरह समाप्त करना स्वास्थ्य और समाज दोनों के हित में अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सरकार और समाज मिलकर जागरूकता अभियान चला रहे हैं तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के माध्यम से प्रतिबंधों को प्रभावी बनाया जा रहा है।
उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एसिड अटैक पीड़ितों को सहायता, बाल हितैषी कानूनी सेवाएं योजना-2024, मानव तस्करी एवं व्यावसायिक शोषण के विरुद्ध कानूनी सहायता जैसी सुविधाएं जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उन्होंने नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की भी जानकारी दी।
निःशुल्क विधिक सहायता और स्वास्थ्य पर जागरूकता
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कार्यक्रम में मुख्य विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता प्रवीण सिंह देशवाल ने निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निकोटीन की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य, सामाजिक जीवन और आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव डालती है। तंबाकू सेवन से फेफड़ों का कैंसर, मुख कैंसर, दमा तथा हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी कौलेन्द्र सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी के.पी. सिंह, आर.पी. विश्वकर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी फारूक अजीज, डॉ. प्रीतक किशोर, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के कर्मचारी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लिपिक घनश्याम जुयाल सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
