ज़ेवर (शिखर समाचार)। यमुना एक्सप्रेस-वे स्थित ज़ेवर टोल प्लाजा के प्रबंधक द्वारा किसान संगठनों और उनके कार्यकर्ताओं के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर किसान संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का आरोप है कि एक साक्षात्कार के दौरान टोल प्रबंधन के अधिकारी ने किसान संगठनों को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
किसान संगठनों ने जताया कड़ा विरोध
किसान नेताओं का कहना है कि संबंधित अधिकारी द्वारा विभिन्न संगठनों के पंजीकरण को अनैतिक बताते हुए कार्यकर्ताओं के लिए “असामाजिक तत्व” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जो पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है।
संगठनों का आरोप है कि इस प्रकार की भाषा से किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि समाज और किसानों के हित में काम करने वाले संगठनों का इस तरह अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कार्रवाई की मांग, आंदोलन की चेतावनी
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किसान नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो सभी संगठन मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे।
किसानों का कहना है कि वे बिना किसी वेतन या भत्ते के किसानों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं, और कई स्थानों पर उनका सम्मान भी किया जाता है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
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संगठनों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही कहा गया है कि यदि अधिकारी अपनी टिप्पणी पर खेद व्यक्त नहीं करते, तो संगठन आगे कठोर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
